0 अप्रैल में अब तक मिले 3572 संक्रमित, थमी 21 सांसे

0 ध्वस्त होती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बीच जारी है जिंदगी की जंग

चंचलेश श्रीवास्तव सूरजपुर। प्रशासन की तमाम कोशिशो के बावजुद जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। दिन प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या में हो रहा इजाफा जिले के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा कोरोना संक्रमण से लोगो को बचाने के लिए प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। मगर प्रयासों का जो सार्थक परिणाम सामने आना था वह अब तक नहीं आ सका है और संक्रमितों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। अप्रैल माह मे ही अब तक 3572 कोरोना संक्रमित पाये जाने के साथ 21 मौत हो चुकी है। जैसे जैसे कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है वैसे ही जिले की स्वास्थ व्यवस्थाएं भी ध्वस्त होती दिखाई पड़ रही है। लोगो को समझाते समझाते थक चूका जिला प्रशासन अब सख्ती बरत रहा यहा तक की लठ बजाने में भी पीछे नही रह रहा है। ताकि लोग किसी भी सूरत में घरों में कैद और सुरक्षित रहें। प्रतिदिन न केवल संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है बल्कि मौत के आंकड़े भी लोगो को डरा रहे है। बहरहाल जिला प्रशासन ने नये आदेश जारी करते हुये कुछ राहत दिये है। जिसमे सब्जी, फल, राशन वाले है जो ठेले के माध्यम से निर्धारित समय पर घूम घूम कर बेचे जायेगे। वही कृषि दुकान को भी छुट दिया गया है। बैक कोरानो गाईड लाईन के तहत निश्चित सीमा पर कार्यालयीन उपयोग के लिये खुलेंगे तो दवा चिकित्सा से संबंधित ही लेने देन होगा। कल तक लाक डाउन में जिले के मुखिया मेडिकल दुकान संचालको पर सख्ती बरते हुए चमकी धमकी देते रहे तो वही कुछ दवा विक्रेता को उठक बैठक तक कराया गया। सवाल यह है कि अब कृषि से संबंधित दुकाने खुलने से वे किसान कौन से दस्तावेज दिखायेगे जिससे वे पुलिस के लठ से बच सके। ऐसा नही है कि जिले में पहली बार लाकडाउन लगा है इससे पहले कभी भी दवा संचालको को ऐसे दुर्यव्यव्हार का सामना नही करना पड़ा था परंतु इस बार जरुर हुआ। हाल फिलहाल कोरोना संक्रमितो के मिलने का रफ्तार कम होने का नाम नही ले रहा है। अप्रैल माह में ही कारोना से होने वाली मौते बेहद चिंताजनक है।
फ़ोटो-182 v कोरोना मोनो

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