राजेन्द्र ठाकुर (राजू) बलरामपुर-बलरामपुर- सेमरसोत अभ्यारण्य में सेमरसोत अभ्यारण्य के ग्राम खटवाबरदर में करीब 8-10 लोगों के द्वारा मिलकर जंगली जानवर कोटरी का शिकार कर दिया गया एवम कोटरी के शव को छिपा दिया गया । उप निदेशक एलिफेंट रिज़र्व सरगुजा प्रभाकर खलखो के निर्देश पर अधीक्षक सेमरसोत वी भी केरकेट्टा के मार्गदर्शन में गेम रेंजर बलरामपुर डी पी सोनवानी लगातार वन अमला के साथ 3 दिनों तक खटवाबरदर के जंगल मे गस्त करते रहे एवम ग्रामीणों से पूछताछ करते रहे । पूछताछ करने में पता चला कि आरोपी शंकर उर्फ मुन्ना अपने अन्य सहयोगी आरोपियों के साथ मिलकर कोटरी का शिकार तालाब के पास खेत मे किया और कोटरी को अपने घर मे रख दिया। वन अमला के गांव में आने की सूचना पर मृत कोटरी को 1 बोरे में भरकर गाँव से लगे जंगल मे दूर लेजाकर छिपा दिया गया था, जिसे वन अमला द्वारा जप्त कर लिया गया। जप्ती करने के बाद आरोपी शंकर उर्फ मुन्ना पिता मछरिया, रासपति पिता बुचा एवम तेजकुमार पिता बेनेदिक के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वन अपराध दर्ज करते हुए सभी आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

नहीं बख्से जाएंगे कोई आरोपी

मामले में अधीक्षक सेमरसोत वी भी केरकेट्टा ने कहा है कि वन्य प्राणी की जान लेने वाले किसी भी आरोपी को नही बख्सा जायेगा।

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