गिरजा ठाकुर अंबिकापुर प्रतापपुर। एक तरफ देश में कोयले की किल्लत है, जिसकी वजह से कई राज्यों में ब्लैक आउट का संकट मंडरा रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के सूरजपुर व बलरामपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में कोयला चोरी धड़ल्ले से कर शासन को करोड़ों रुपये की राजस्व क्षति पहुंच रही है। खुलेआम चोरी का कोयला बिकने के बावजूद चोरों तक कानून व्यवस्था के रखवालों के लंबे हाथ नहीं पहुंच पा रहे है। ऐसे में पुलिस व खनिज विभाग की मेहरबानी से काले हीरे के अवैध कारोबार की चर्चा आम हो गई है। अवैध कोयले का संग्रहण करना भी आसान नहीं है। ग्रामीण चंद रुपये के लिए सुरंगनुमा स्थल से जान जोखिम में डालकर कोयले की अवैध निकासी करने में लगे हैं। जगह-जगह कोयले का अवैध भंडारण इस बात को प्रमाणित कर रहा है। धड़ल्ले से जारी है कोयला चोरी सूरजपुर व बलरामपुर जिले के महान-2 व महान-3 के सीमावर्ती गांव दुप्पी चौरा, बुडाडांड, सिलफिली, मरकाडांड क्षेत्र में संचालित अवैध खदानों से भारी मात्रा में कोयला अवैध ईंट भों व डिपो में खपाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है क्षेत्र में महान-2 कोयला खदान के अलावा कई अवैध खदानों का संचालन होता है। इन्हीं अवैध खदानों से कोयला चोरी किया जाता है। बताया जा रहा है कि खदान से कोयला चोरी कर उसे आसपास खेतों में छिपाकर रखा जाता है, बाद में इसे अवैध ईंट भा व डिपो का संचालन करने वाले खरीदते हैं। शाम होने के बाद अवैध खदान के समीप चोरी का कोयला खरीदने के लिए पिकअप और छोटा हाथी जैसे वाहनों की लाइन लग जाती है। रुपये के लालच में कर रहे अपराध प्रभावित गांव के लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायतों में कुछ असामाजिक तत्वों के सहयोग से अवैध ईंट भों व कोल डिपो के मालिकों द्वारा आस-पास के सैकड़ों नवयुवकों को कोल खदान से कोयला चोरी के लिए रुपये का लोभ देकर प्रेरित किया जाता है। एकत्र अवैध कोयले कुछ जिम्मेदारों की मिलीभगत से वाहनों या दोपहिया वाहनों के मार्फत ईंट भ_े या कोल डिपो में पहुंच जाते हैं। जिस क्षेत्र में कोल खदान संचालित है वहां ज्यादातर वनवासी आदिवासी परिवार निवास करते हैं। चंद रुपये के लिए इन्हें अपराध के दलदल में ढकेलने का काम किया जा रहा है।
एसडीओपी ने कहा होगी कार्रवाई
एसडीओपी अमोलक सिंह ने बताया कि अभी टुकुडांड इलाके से पुलिस ने अवैध कोयला जब्त किया है। इसके बाद भी कोयले की चोरी हो रही है और परिवहन कार्य कराया जा रहा है, तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में खनिज विभाग के निरीक्षक कहते हैं कि ऐसे मामलों में कार्रवाई होती है। गांव वालों की शिकायत पर खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई की है।
लाखों का रोज हो रहा कारोबार महान-2 व महान-3 के आसपास अवैध कोयला खदानों से रोजाना 30 से 40 छोटी-बड़ी गाडिय़ों से कोयला निकाला जा रहा है। तस्कर इस कोयले को ग्रामीणों से दो -ई रुपये किलो खरीदते हैं और र्इंट भ_ा में तीन से चार रुपये किलो में बेच देते हैं। यही कोयला कोल डिपो में जाने के बाद पांच से छह रुपये किलो का हो जाता है। इस अनुमान से प्रतिदिन लाखों रुपये का अवैध कोयले का कारोबार हो रहा है। महीने में करोड़ों रुपये के अवैध कोयला तस्करी की मैदानी हकीकत सामने आने के बाद अब देखना यह है कि दोनों जिले के प्रशासनिक अधिकारी इसे कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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