इंदर भगत के नेतृत्व में धर्मांतरण कर चुके लोगों को जनजातीय लाभ से अलग करने उठी मांग

अंबिकापुर। जनजातीय अधिकारों एवं डी-लिस्टिंग की मांग को लेकर सरगुजांचल से बड़ी संख्या में जनजाति समाज के आंदोलनकारी आज अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। आंदोलनकारियों को भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी अवधेश सिंह चंदेल, जिला प्रभारी कृष्णकांत चंद्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, बस्तर संभाग प्रभारी हरपाल सिंह भामरा, जिला महामंत्री विनोद हर्ष एवं अम्बिकेश केशरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले आदिवासी नेता इंदर भगत के नेतृत्व में निकले इस जत्थे में सरगुजा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। दिल्ली रवाना होने से पूर्व इंदर भगत ने कहा कि जनजातीय सोसायटी अपने संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग को मिलने वाले आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक लाभों का पात्र नहीं माना जाना चाहिए। ‘जनजातीय समाज की परंपराएं, संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक पहचान उसकी मूल आत्मा हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी मूल जनजातीय आस्था एवं परंपरा को छोड़कर अन्य धर्म स्वीकार करता है, तो उसे जनजातीय वर्ग के विशेष अधिकारों का लाभ नहीं मिलना चाहिए। डीलिस्टिंग के माध्यम से ऐसे लोगों को चिन्हित कर अलग किया जाना आवश्यक है, ताकि वास्तविक जनजातीय समाज के अधिकार सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर दिल्ली में व्यापक आंदोलन एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर जनजातीय समाज की भावनाओं से अवगत कराया जाएगा। इस अवसर पर आदिवासी नेता नेता रामलखन सिंह पैकरा, जन्मेजय मिश्रा, बाबूलाल अग्रवाल, नंदकिशोर ताम्रकार सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं समर्थक उपस्थित रहे।

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