अंबिकापुर के निजी बैंक की खाताधारक छात्रा की मां ने एटीएम ब्लॉक करने के आग्रह को अनसुना करने का लगाया आरोप
पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग  

अंबिकापुर। शहर की एक लड़की रसिया से एमबीबीएस करने के बाद दिल्ली में कोचिंग कर रही है। रुपये की जरूरत पडऩे पर वह दिल्ली के एक एटीएम में गई, इस दौरान दो लड़का और एक लड़की एटीएम कक्ष में आए और बड़ी चालाकी से छात्रा का एटीएम कार्ड बदल दिया। इसके बाद नौ ट्रांजेक्शन करके 91 हजार रुपये निकाल लिए। उक्त छात्रा की मां कविता सिंह सिसोदिया बैंक के कैशियर से लेकर प्रबंधक तक दौड़ लगाती रह गई, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। परेशान छात्रा की मां दिल्ली के हौजखास थाने में छलपूर्वक एटीएम बदलने की सूचना देने के लिए पहुंची, यहां भी पुलिस का रवैया नकारात्मक रहा। पहले चुनाव में व्यस्तता को पुलिस ने आड़े लिया, बाद में काउंटिंग होने के बाद देखते हैं, कहते हुए इनकी फरियाद नहीं सुनी। इस बीच चालबाजों ने महिला के खाते में आए ब्याज व शेष रकम का भी ट्रांजेक्शन कर लिया। अंबिकापुर में संचालित निजी बैंक प्रबंधन के द्वारा इनकी बातों को अनसुना करने से व्यथित कविता सिंह सिसोदिया ने इसकी शिकायत सरगुजा रेंज के पुलिस अधीक्षक से की है। उन्होंने बताया वे 30 नवंबर को अंबेडकर चौक के पास स्थित आईडीएफसी बैंक गईं, यहां मौजूद कैशियर से दिल्ली में कोचिंग करने गई पुत्री का एटीएम कार्ड बदलकर 10 हजार रुपये अज्ञात लोगों के द्वारा आहरण करने की जानकारी देते हुए खाते को होल्ड करने का आग्रह किया, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल पाया। लंच टाइम होने की बात कहकर कैशियर चला गया। बैंक प्रबंधक ने भी उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इस बीच कार्ड बदलने वाले शातिरों ने उनकी पुत्री के खाते से नौ बार में 90 हजार रुपये ट्रांजेक्शन कर लिया था। इसके बाद खाते में मात्र 800 रुपये शेष था, जिसे उन्होंने निकालकर देने कहा लेकिन उक्त राशि देने में भी आनाकानी करते रह गए। उनके खाते में जमा रुपये का 1051 रुपये ब्याज आया, इसे भी दो दिन के बाद शातिरों ने बिहार के अररिया से निकाल लिया।
कार्ड नहीं किया ब्लॉक
कविता सिंह सिसोदिया का आरोप है कि उन्होंने बैंक के कैशियर व मैनेजर से एटीएम कार्ड को ब्लॉक करने की मिन्नत की, लेकिन उनके कानों में जूं तक नहीं रेंगी। इनकी लापरवाही और असहयोगात्मक रवैये के कारण उन्हें 90 हजार से अधिक की चपत लग गई। उन्होंने कहा जब खाता खुलवाना था तो इनके सहयोगी दरवाजे-दरवाजे दस्तक दे रहे थे। खाता खोलने के बाद स्थिति यह है कि एरिया मैनेजर तक संपर्क करने के बाद उन्हें किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल पाया।
लाइसेंस के लिए 20 दिसंबर को होगी परीक्षा
कविता सिंह सिसोदिया ने बताया कि रसिया से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी पुत्री चिकित्सक के लाइसेंस के लिए परीक्षा देने की तैयार दिल्ली में कर रही है। लाइसेंस प्राप्ति के लिए परीक्षा चार दिसंबर को होनी थी, जो अब 20 दिसंबर को होगी। ऐसे में बच्ची को पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए, इसके लिए उन्होंने उसके खाते में 90 हजार रुपये डालकर रखे थे। कड़ी मेहनत से अर्जित रुपये को पल भर में शातिर ऐसे उड़ा देंगे, उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था।

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