मौक़े पर पहुंचे एसडीएम व एनएच के अधिकारी, वॉल पेंटिंग कराई बन्द…

बैकुंठपुर-मनेन्द्रगढ़।एमसीबी जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में बुधवार की सुबह नेशनल हाईवे पर बने डिवाइडर पर वाल पेंटिंग को लेकर कांग्रेसी व भाजपाईयों में भिड़ंत हो गई। कांग्रेसी कार्यकर्ता मनेन्द्रगढ़ विधायक के समर्थन में वाल पेंटिंग करा रहे थे। हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीएम मनेन्द्रगढ़ व पुलिस मौक़े पर पहुंची एवं मामले को शांत कराया। इस दौरान भाजपाई पुलिस से भिड़ गए व जमकर नारेबाजी भी की।

मौक़े पर पहुंचे एस डीएम अभिषेक कुमार ने कांग्रेस के प्रचार-प्रसार की पेंटिंग बंद करने के लिए निर्देश दिए। एनएच के अधिकारियों को उन्होंने  पेंटिंग को पोत कर उस पर काली सफेद पट्टी बनाने के निर्देश दिए। एनएच पर हंसिया नदी के पल पर बने डिवाइडर में कांग्रेस नेताओं ने प्रचार के लिए वाल पेंटिंग करवाई थी। जिस पर अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। दरअसल मामले की शुरुआत उस समय हुई जब मनेन्द्रगढ़ में  कांग्रेस विधायक डॉ विनय जायसवाल के समर्थक अम्बिकापुर रोड एनएच 43 में बने पुल के डिवाइडर पर विधायक विनय जायसवाल जिंदाबाद के नारे लिखवा रहे थे। जिसका विरोध भाजपाइयो ने किया और नियमों का हवाला दिया कि डिवाइडर में सफेद, पीली और काली पट्टी ही होती है। और बुधवार की सुबह एनएच 43 पर बने पुल में चल रही पेंटिंग का विरोध करने पहुंच गए। इसी बीच विधायक समर्थक भी वहां आ गए और दोनों दलों के नेताओं के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। एनएच पर हंगामे की  सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला शांत कराना चाहा लेकिन दोनों दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। विधायक प्रतिनिधि और पार्षद अनिल प्रजापति और भाजपा युवा मोर्चा नेता आकाश दुबे के बीच जमकर बहस हुई। सिटी कोतवाली प्रभारी  सचिन सिंह से भी भाजपा युवा मोर्चा के  नेता का विवाद हुआ। बाद में मौक़े पर एसडीएम व एनएच के अधिकारी भी पहुंच गए। कांग्रेसी वॉल पेंटिंग को नियमों के तहत कराये जाने का हवाला देते नजर आए। जबकि एनएच के एसडीएम एनएच नागरे ने इसे नियम विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि यह गलत है इससे वाहन चालकों का ध्यान भंग होता है व दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं भाजपाइयों का कहना है कि अंबिकापुर मार्ग पर हनुमान मंदिर के नजदीक बने पुल की रैलिंग में कांग्रेस के नेताओं द्वारा नियम कायदों को ताक पर रखकर वॉल पेंटिंग करवाई जा रही थी। और जब इसका विरोध करने भाजपा के कार्यकर्ता वहां पहुंचे तो कांग्रेस के नेतागण गुंडागर्दी दिखाते हुए यह कहने लगे कि वाल पेंटिंग का काम बंद नहीं करेंगे। जिसे लेकर मौके पर काफी तना तनी होने लगी  पुलिस के अधिकारियों द्वारा एक बार काम रुकवा भी दिया गया लेकिन उसके बावजूद भी “जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का” की तर्ज पर कांग्रेस नेताओं के कहने पर वॉल पेंटिंग का काम शुरू करवा दिया गया। जिसके बाद एसडीएम, पुलिस व एनएच के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और वहां पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले वॉल पेंटिंग का काम बंद करवाया। और बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग  पर बनी पुल पुलिया पर इस तरह की वॉल पेंटिंग नहीं कराई जा सकती। यह बहुत संवेदनशील क्षेत्र होता है तब कहीं जाकर काम रुका।

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