शासन को लाखों रुपए के रॉयल्टी का नुकसान

अम्बिकापुर-अविभाजित सरगुजा के सूरजपुर व बलरामपुर जिला के विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण छत्तीसगढ़ का कोयला अवैध रूप से उत्तर प्रदेश जा रहा है।इस अवैध परिवहन के कारण शासन को लाखों रुपए के रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है।एसईसीएल के खदान,गेवरा,कुसमुंडा,दीपिका से धनवार डेस्टिनेशन का कोयला अवैध तरीके से चंदासी उत्तर प्रदेश में खपाया जा रहा है।आरोप लगाया जा रहा है कि प्रतिदिन 15 से 20 गाड़ी अवैध कोयला सूरजपुर,बलरामपुर पुलिस,खनिज व वन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से धनवार बैरियर से पार करवा कर गाड़ियों को उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है।यह भी आरोप है कि धनवार खनिज बैरियर में प्रति गाड़ी 2000 एवं थाना बसंतपुर में प्रति गाड़ी 1000 रुपए देकर ट्रकों के ड्राइवर धनवार डिस्टेंशन के कोयला को बड़ी आसानी से पार कर रहे हैं,जिससे प्रतिदिन अवैध कोयला उत्तर प्रदेश पहुंच रहा है।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल द्वारा ई आक्सन के माध्यम से जब कोयला का विक्रय करता है तो कोयला व्यापारी से डिलीवरी ऑर्डर बनाने समय पूछता है आपको डिलीवरी ऑर्डर राज्य के अंदर या राज्य के बाहर का डीओ चाहिए।कोयला व्यापारी जब राज्य के अंदर का डीओ बनाता है तो खदान में धनवार गंतव्य स्थान लिखाकर कोयला निकालता है।माइनिंग पेपर से ट्रक धनवार तक जाती है और जो माइनिंग का पेपर खदान से धनवार के लिए मिलता उस कोयला को छत्तीसगढ़ के अंदर बेचने की बजाय उत्तर प्रदेश ले जाकर खपा रहे हैं।जबकि नियमानुसार राज्य के अंदर डिलीवरी ऑर्डर को राज्य के बाहर माल नहीं भेज सकते।

एक आरोप यह भी है कि कोयला व्यापारी अपनी फर्म का बिल और वे बिल लगाकर अवैध कोयले को वैध कर के उत्तर प्रदेश बड़ी आसानी से कोयला खपा रहा है।गौर करने वाली बात यह है कि धनवार में ना कोई लोहा प्लांट है और ना ही ईट भट्ठा हैं।तो इतनी बड़ी मात्रा में कोयला धनवार के नाम से निकालकर कहां खपाया पाया जा रहा है।आरोप है कि प्रतिदिन 20 गाड़ी उत्तर प्रदेश बड़ी आसानी से पहुंच रही है जिससे कोयला व्यापारी प्रति ट्रक 1,00,000 रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश के नाम पर कोयला खरीद कर बाहरी राज्यों में बेचने के कारण शासन को लाखों रुपए का जो रॉयल्टी मिलता वह नहीं मिल रहा है जिसके कारण यह व्यापारी सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी का जबरदस्त चूना लगा रहे हैं।

कुछ कोयला व्यापारी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विथ इन स्टेट डीओ सेल डेस्टिनेशन धनवार बिल के साथ भी अवैध कोयले का कारोबार कर रहे हैं।साथ ही एसईसीएल द्वारा जो लिंकेज कोयला प्लांटों को दिया जाता है,इसमें भी कुछ कोल व्यापारी डिपो का पिटपास और अपनी फर्म का बिल लगाकर अवैध कोयला को वैध कर प्लांट में ना भेजकर उत्तर प्रदेश भेज रहे है।

मुझे जानकारी नहीं- कलेक्टर बलरामपुर

इस संदर्भ में बलरामपुर कलेक्टर संजीव कुमार झा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है।

संबंधित जिला के अधिकारियों से जानकारी ले-आईजी

सरगुजा रेंज आईजी रतनलाल डांगी से उक्त मामले को लेकर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास इस संदर्भ में कोई शिकायत या जानकारी नहीं आई है, उन्होंने कहा कि संबंधित जिले के अधिकारी ही बता सकते हैं।

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