केरल हाई कोर्ट में तलाक का अजीब सा मामला पहुंचा। इस मामले में पति का आरोप है कि उसकी पत्नी खाना नहीं बना पाती और वह ठीक से खाना नहीं खाता, इन आरोपों को लेकर एक शख्स ने तलाक की मांग करते हुए केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन जजों ने मामले को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि खाना बनाना न जानना क्रूरता नहीं है। पत्नी खाना नहीं बना सकती इस आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता।

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केरल के रहने वाले शख्स की शादी मई 2012 में हुई थी। शादी के वह अपनी पत्नी के साथ अबू धाबी चला गया। शख्स की शिकायत है कि उसकी पत्नी आए दिन उसके साथ गलत व्यवहार करती है। उसने अपनी पत्नी के खिलाफ तरह-तरह की शिकायतें अदालत में दायर की, जिनमें से एक यह है कि उसकी पत्नी खाना नहीं बना सकती। इसके अलावा, शख्स ने अदालत में दावा किया कि उसकी पत्नी उसके साथ कभी भी अच्छा व्यवहार नहीं करती है।

पति का दावा है कि उसकी पत्नी रिश्तेदारों के सामने भी गलत व्यवहार करती है। एक बार तो उसने उस पर थूक भी दिया था। हालांकि, बाद में उस हरकत के लिए माफी भी मांग ली। लेकिन उसकी पत्नी आए दिन उसके लिए खाना नहीं बनाती थी इसे लेकर शख्स कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।

शख्स की अपनी पत्नी से शिकायत यहीं खत्म नहीं हुई। उसने अदालत को बताया कि काम के दौरान उसकी पत्नी ने उसका अपमान किया था। एक बार उसकी पत्नी शिकायत लेकर उसके ऑफिस आ गई थी। शख्स की शिकायत है कि उसकी पत्नी छोटी-छोटी बातों पर मां से झगड़ा करती है।

याचिकाकर्ता के वकील के माध्यम से सभी आरोपों को सुनने के बाद, केरल हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति थॉमस ने कहा, “पत्नी द्वारा पति के लिए खाना नहीं बनाना, यह कभी भी अलगाव का आधार नहीं हो सकता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी पत्नी ने उस पर थूका था। इस आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है।” आखिरकार, कोर्ट ने किसी पक्ष के दलील को तलाक के योग्य नहीं पाया और मामला खारिज कर दिया।

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