400 यूनिट तक बिजली खपत पर आधा शुल्क माफ करने की योजना को 100 यूनिट तक सीमित करने पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति


अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर आधा बिल माफ करने की योजना को 100 यूनिट में समेट दिया गया है, इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए कांग्रेस ने गुरूवार को राजीव भवन, जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करने के बाद विष्णुदेव साय सरकार का पुतला दहन किया।
जिलाध्यक्ष कांग्रेस बालकृष्ण पाठक ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर मिल रही छूट को वर्तमान भाजपा की सरकार ने 100 यूनिट तक सीमित कर दिया है। इससे पहले इसी सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोत्तरी को मंजूरी दी थी, अब छूट को समाप्त करने से लोगों को दोहरी मार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में जल, जंगल, जमीन, कोयला, पर्यावरण सब यहां के लोगों का है, प्रदेश में सरप्लस बिजली है तो फिर बिजली के दरों में बढ़ोत्तरी और छूट में कमी क्यों की जा रही है। कांग्रेस के समय जो बिजली कंपनी लाभ में रहती थी, भाजपा के समय घाटे में कैसे आ गई। प्रदेश सरकार द्वारा पीएम सूर्यघर योजना के तहत ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है तो हसदेव को क्यों उजाड़ा जा रहा है, किसको लाभ पहुंचाने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने भी सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाया और कहा कि बिजली बिल हॉफ योजना का पुर्ननिर्धारण करके राज्य सरकार दलील दे रही है कि इससे केवल 20 प्रतिशत लोग प्रभावित होंगे, ज्यादातर लोगों को लाभ मिलता रहेगा, जो पूरी तरह से झूठ है। उन्होंने निकाय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने और अंबिकापुर नगर निगम तथा सीतापुर, लखनपुर जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के यहां 100 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग होने की बात कही। पूर्व पार्षद मदन जायसवाल ने भी राज्य सरकार के निर्णय को आम लोगों के लिए अतिरिक्त आर्थिक भार बताया।
राज्य सरकार एक भी लाभार्थी को नहीं दी अनुदान
राकेश गुप्ता ने पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अभी तक एक भी लाभार्थी को अनुदान प्रदान नहीं करने का दावा किया और कहा पूरे प्रदेश में सरकार एक भी ऐसा लाभार्थी बता देगी, जिसे राज्य का अनुदान मिला हो तो वे माफी मांग लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्र सरकार अपने हिस्से का अनुदान दे रही है, राज्य सरकार इसमें विफल रही है। अधूरा ज्ञान देकर सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है। सरकार को बताना चाहिए, कि कंडी, खपड़ा वाले घरों को कैसे सूर्य घर योजना का लाभ मिल पाएगा। योजना की खामी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह ग्रिड आधारित सिस्टम है अर्थात जब तक ग्रिड में बिजली रहेगी तभी तक सोलर सिस्टम काम करेगा, साथ ही इससे उपभोक्ता के पास ज्यादा उत्पादन होने पर उसे भुगतान कैसे होगा, इसका कोई जानकारी योजना में नहीं दिया गया है।
स्मार्ट मीटर करें खारिज, हॉफ योजना रखें जारी
पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने स्मार्ट मीटर योजना को सवालों के घेरे में लेते हुए कहा कि ठेकेदार के कर्मचारी बिना किसी विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी के लोगों के घरों का मौजूदा मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन रही है। स्मार्ट मीटर से भविष्य में प्री-पेड व्यवस्था चालू होने और तब भुगतान नहीं होने पर कार्यालय से ही लाइन काटने तथा पुन: जोड़ने के लिए न्यूनतम 360 रुपये शुल्क वसूली का प्रावधान है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। उन्होंने शासन से मांग की कि स्मार्ट मीटर की व्यवस्था को अभी स्थगित रखा जाए और 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को जारी रखा जाए। उन्होंने बिना हस्ताक्षर के सामने आए एक पत्र को गुमराह पत्र की संज्ञा दी।
महंगाई का बोझ लाद रही सरकार
निगम के पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की ने भी सरकार की योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पूर्ववर्ती सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली हॉफ योजना लाई थी, तो इसे 100 यूनिट करने की जरूरत क्या थी। आम जनता को राहत देने के बजाए महंगाई थोपा रहा है। भाजपा की सरकार सिर्फ उद्योगपतियों को राहत देने में लगी है। वर्तमान सरकार को यह मान लेना चाहिए कि वह शासन चला पाने में फेल है और सत्ता में रहने के योग्य नहीं है।
यह है विश्व का आठवां आश्चर्य
कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी डॉ. जेपी श्रीवास्तव ने कहा भाजपा का यह कहना कि बिजली का दर बढ़ाना जनहित में, विश्व का आठवां आश्चर्य है। सरकार इस योजना से 95 प्रतिशत लोगों के प्रभावित होने का बात कह रही है, जबकि 20 फीसदी लोग ही इससे लाभांवित होंगे। वर्तमान सरकार कहती है कि स्कूल बंद कर देने से शिक्षा का विकास होता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब बिजली विभाग को सरकार अडानी, अंबानी को देने की योजना बना रही है, इनके लठैत आएंगे और वसूली करेंगे। सोलर योजना के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने सवाल उठाया, बिजली बिल से इसका कोई संबंध नहीं है। यह मुद्दा कांग्रेस का नहीं, जनता का है।
विष्णुदेव सरकार का किया पुतला दहन, जमकर की नारेबाजी


बिजली बिल हॉफ योजना को वापस लेने के प्रदेश सरकार के निर्णय के विरुद्ध जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने आज घड़ी चौक पर विष्णुदेव सरकार का पुतला दहन किया, और जमकर नारेबाजी की। छत्तीसगढ़ सरकार ने एक आदेश जारी करके अगस्त को बिजली बिल हॉफ योजना को वापस ले लिया है। इस योजना को वापस लेने से पहले प्रदेश सरकार ने 4 बार में कुल 80 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल में वृद्धि की है, जिस कारण प्रतिमाह 800 रुपये बिजली बिल पहले ही बढ़ चुका है। बिजली बिल हॉफ योजना से उपभोक्ताओं को करीब 1000 रुपये की बचत होती थी। इस योजना को वापस लेने से यह बचत भी समाप्त हो गई। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के द्वारा बनाए गए चुनावी घोषणा पत्र के आधार पर कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना को लोक कल्याण के दृष्टिकोण से लागू किया था। वहीं भाजपा सरकार ने बिना कोई रोड मैप बनाए लोगों पर प्रधानमंत्री सौर घर योजना थोपने का प्रयास कर रही है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, सीमा सोनी, दुर्गेश गुप्ता, संध्या रवानी, लोकेश कुमार, विकल झा, गुरुप्रीत सिद्धू, आशीष जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, प्रीति सिंह, शुभम जायसवाल, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, निकी खान, संजय सिंह, जीवन यादव, पप्पन सिन्हा, सतीश बारी, अविनाश कुमार, अंकित जायसवाल, जे. कुजूर, नुजहत फातमा, संगीता मिंज, उर्मिला कुशवाहा, मोमिना खातून, रजनी महंत, अनिता सिन्हा, शकीला सिद्दीकी, अनुराधा दास, अनुराधा सिंह, आतिफ राजा, सुरेंद्र गुप्ता, संजर नवाज, बाबू सोनी, प्रिंस विश्वकर्मा, सतीश यादव, आकाश यादव, अभिनव काशी उपस्थित थे।

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