बिलासपुर। हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाल हालत को लेकर शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी को कोर्ट ने गंभीर माना है।

दरअसल, बिलासपुर के स्वामी आत्मानंद प्राथमिक विद्यालय, सेंदरी में दीवारों में करंट दौड़ने की खबर सामने आई थी। दीवारों में बिजली की प्रवाह से छात्रों को झटका लगने की घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में चौथी कक्षा के छात्र नीलेश पटेल को करंट लग गया, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। छात्रों ने बताया कि क्लासरूम की दीवारें करंट से भरी रहती हैं, जिससे हर दिन खतरा बना रहता है। स्कूल प्रबंधन ने इस खतरनाक स्थिति की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग को दे दी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पहले से चल रही जनहित याचिका के साथ इसे जोड़ दिया। इसी दौरान अधिवक्ता टीके झा ने भी एक हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर सक्ती जिले के स्कूलों की स्थिति की ओर कोर्ट का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में शौचालय, फर्नीचर, बाउंड्रीवाल और यहां तक कि बिल्डिंग तक नहीं हैं।

इस पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और उनके सहयोगी जज की डिवीजन बेंच ने स्कूलों की मरम्मत में लापरवाही और बदइंतज़ामी पर कड़ी नाराज़गी जताई और इस पूरी स्थिति को गंभीर मानते हुए शिक्षा सचिव को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।

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