विधायक और अफसरों के टसक के बीच पिस रही जनता  

छग राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के काली पट्टी लगाकर शासकीय दायित्वों के निर्वहन की मियाद आज होगी खत्म

अंबिकापुर। नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट के विरोध में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हड़ताल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीतापुर विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व अमला अडिग है। इनका कहना है जब तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं होगी, वे आंदोलन की राह पर डटे रहेंगे। तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों के हड़ताल पर रहने से तहसील कार्यालयों में कामकाज ठप है। बाबुओं के भरोसे कार्यालय खुले जरूर हैं, लेकिन जरूरतमंदों को राहत नहीं मिल रही है। कोई पटवारी और आरआई को खोज रहा है, तो कोई तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कार्यालय का चक्कर काट रहा है। इन सबके बीच सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से सियासी आहट आने लगी है। इसे अधिकारियों के आंदोलन को कमजोर करने की कड़ी भी माना जा रहा है। बहरहाल, इस मामले का पटाक्षेप कैसे होगा, यह जानने की उत्सुकता लोगों में है।

इधर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ इकाई सरगुजा के द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को संबोधित पत्र कलेक्टर सरगुजा को पूर्व में ही एक जून को सौंपकर आगाह कराया है कि, तीन जून तक काली पट्टी लगाकर उनके द्वारा शासकीय दायित्वों का शांतिपूर्वक निर्वहन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर दोषियों के विरूद्ध विधि अनुरूप कार्रवाई नहीं की जाती है तो दो दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर वे कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का समर्थन करेंगे। इसके बाद आंदोलन की आगामी रणनीति के संबंध में पृथक से अवगत कराया जाएगा। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के काली पट्टी लगाकर शासकीय दायित्वों के निर्वहन की तीन दिवसीय मियाद आज 3 जून को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद क्या परिस्थिति बनेगी, विधायक और अफसरों की टसक के बीच जनता कब तक पिसेगी, इसका कोई हल निकलता फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। 27 मई को हुई इस घटना के बाद बनी परिस्थितियां लोगों के जुबान पर है। सवाल यह भी उठ रहा है कि गिरफ्तारी के लिए खुद आगे आए विधायक रास्ते से वापसी के बाद कहां गए? पूरे प्रदेश में सत्ता पक्ष के विधायक की हनक के खिलाफत में शासन का ही भारी-भरकम राजस्व अमला मैदान में क्यों है? प्रदेश के मुखिया तक पहुंचने वाली आंदोलनरत अफसरों और कर्मचारियों की पुकार पर शासन स्तर पर क्या रणनीति बन रही है, इसे जानने के लिए जनता उत्सुक है।

विधायक ने मारपीट नहीं की, नायब तहसीलदार को बचाया

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट के लगे आरोप के बीच सियासी उफान धीरे-धीरे आ रहा है। विधायक के समर्थकों ने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में सरगुजा कलेक्टर को सीतापुर, बतौली, मैनपाट और राजापुर के भाजपा मंडल अध्यक्षों ने ज्ञापन सौंपा है, और दो दिन के अंदर नायब तहसीलदार तुषार मानिक को गिरफ्तार करने की मांग की है। सुनील गुप्ता पूर्व मंडल अध्यक्ष और संगीता कंसारी महामंत्री भाजपा ने कहा है कि, सीतापुर विधायक पर लगाया गया आरोप सरासर झूठ है। विधायक ने उन्हें बचाया, न कि उनके साथ मारपीट किया है। मांग की गई है, कि तुषार मानिक को निलम्बित करके गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही विधायक के विरूद्ध दर्ज किए गए अपराध को निरस्त करने की मांग की गई है। इधर युवाओं की टीम ने छात्र संगठन के नाम पर कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन विधायक के समर्थन में सौंपा है।

जिला कांग्रेस कमेटी आज सौंपेगा ज्ञापन  

जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने सीतापुर विधायक और उनके समर्थकों के द्वारा एक कनिष्ठ अधिकारी के साथ की गई मारपीट के उपरांत राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के हड़ताल से सत्ता दल और प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में बनी टकराव की स्थिति को देखते हुए आज 3 जून को सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात करके राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है, क्योंकि इसका सर्वाधिक दुष्प्रभाव आमजनों को प्राप्त होने वाली शासकीय सेवाओं पर पड़ रहा है।

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