बंधक बनाने सहित लगाए अन्य गंभीर आरोप, दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग
अंबिकापुर। गंगापुर निवासी एक व्यक्ति सहित अन्य लोगों पर राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के अधिवेशन में शामिल होने आए बलरामपुर व सरगुजा के दो ग्रामीणों ने बंधक बनाकर जातिगत गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की जानकारी थाना प्रभारी आजाक अंबिकापुर को लिखित में दी गई है। बताया गया है कि उनके मोबाइल फोन को जप्त करके कान पकड़वा कर धर्म विशेष के भगवान का नारा लगवाया गया और इसकी वीडियोग्राफी करके उसे व्हाट्सअप ग्रुप एवं सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।
आजाक थाना में दिए गए आवेदन में देवचन्द तिग्गा पिता विरेन्द्र तिग्गा 37 वर्ष, निवासी ग्राम भेसकी थाना राजपुर व बालकिशुन लकड़ा पिता जगन लकड़ा 46 वर्ष, निवासी ग्राम कर्रा थाना दरिमा ने दिए गए आवेदन में बताया है कि 06 नवम्बर को कन्या परिसर, अंबिकापुर में राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा का अधिवेशन हुआ, जिसमें भाग लेने के लिए वे गए थे। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद रसोइया से मिलने कुछ व्यक्तियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर गए थे। शाम लगभग 6 बजे गंगापुर खुर्द निवासी शैलेन्द्र शर्मा 10-15 लोगों के साथ आकर उन्हें घेर लिए और बलपूर्वक मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जातिगत टिप्पणी करते हुए हिन्दुओं को ईसाई बनाने की बात कहकर दफना देने की धमकी दी। जब उन्होंने कहा कि वे अधिवेशन में भाग लेने आए थे, इस कार्यक्रम के आयोजक नहीं हैं, तो इन्होंने धमकाते हुए सत्ता, शासन का रौब दिखाया और सरगुजा जिले में कोई भी धार्मिक कार्यक्रम नहीं करने के लिए कहा। घटना के दौरान इनके साथ आया एक व्यक्ति अपने मोबाइल से वीडियो बना रहा था। शाम लगभग 7.30 बजे तक वे बंधक रहे, इस दौरान कई बार जातिगत गाली-गलौज देकर अपमानित करने, बाद में मोबाइल वापस करते हुए कान पकड़वाकर इस तरह के मीटिंग में नहीं आने और धर्म विशेष के भगवान का नारा लगवाकर उन्हें छोड़ने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि दूसरे दिन पता चला कि घटना के अंतिम समय का वीडियो क्लिप व्हाट्सअप ग्रुप में वायरल किया जा रहा है, जिसमें उनसे कान पकड़वा कर जबरदस्ती धर्म विशेष के भगवान का नारा लगवाया गया है। घटना की निष्पक्ष जांच करके कार्रवाई करने की मांग की गई है।

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