एक दर्जन ग्रामीणों के मकान को क्षतिग्रस्त किया, घर के बाहर बंधे भैंस को मार डाला

girija thakur

अंबिकापुर। उदयपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कड़कड़ाती ठंड में हाथियों के नौ सदस्यीय समूह ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है। हाथी कब और कहां पहुंच जाएंगे, किसके मवेशियों को मार डालेंगे, किसके घर, फसल को नुकसान पहुंचाएंगे, इसकी चिंता बनी रहती है। वन अमला भी इनकी निगरानी में ताकत झोंकने में लगा है, ताकि जान-माल की बड़ी क्षति जैसी स्थिति न बनने पाए। इसी क्रम में बीते सोमवार की रात को हाथियों के समूह ने उदयपुर वन परिक्षेत्र के गुमगा अंतर्गत डाहीमार मोहल्ले में पहुंच कर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। हाथियों ने रात करीब एक बजे घर के बाहर पेड़ से बंधे भैंस पर हमला कर पहले तो दांत से घायल किया, फिर पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

बता दें कि हाथी और मानव के बीच संघर्ष की स्थिति जंगल क्षेत्रों में कब्जा के बाद कुछ अधिक ही बन गई है। लंबे समय से सरगुजांचल सहित संभाग भर में हाथियों की आमद हो रही है। कई बार वन अमला ही हाथियों के वन परिक्षेत्र की सरहद में प्रवेश की खबर से अनजान रहता है। किसी प्रकार की घटना के सामने आने के बाद वन अमले की नींद उड़ जाती है और ग्रामीणों को सतर्क करने का सिलसिला शुरू होता है। इसके कई उदाहरण भी सामने आ चुके हैं। हाथी और मानव के बीच बनी संघर्ष की स्थिति यह है कि अब तक कई ग्रामीणों की जान जा चुकी है। घर-मकान व फसलों को भी काफी नुकसान इन हाथियों ने पहुंचाया है। सोमवार की रात ग्राम गुमगा में पहुंचे नौ हाथियों के समूह ने डाहीमार मोहल्ले में आधी रात के बाद जीतू मझवार के घर के बाहर पेड़ से बंधे भैंस पर दांत से हमला किया, जिसमें वह घायल हो गया। बाद में पैर से कुचल डाला। इसकी जानकारी मिलने पर प्रशिक्षु वन मंडलाधिकारी अक्षय भोसले के नेतृत्व में मंगलवार की सुबह पशु चिकित्सक घटनास्थल पहुंचे और भैंस के शव का पोस्टमार्टम किया। प्रशिक्षु अधिकारी ने मवेशी सहित अन्य क्षति का मुआवजा प्रकरण बनवाया।
11 दिसंबर से कर रहा विचरण

सूरजपुर जिले के तारा होते हुए सरगुजा के परसा, साल्ही, गुमगा, मुड़गांव के जंगलों में 09 हाथियों का दल 11 दिसंबर से लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों ने एक दर्जन घरों को भी नुकसान पहुंचाया है। ठंड के दिनों में घरों के टूटने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाथियों के गतिविधि पर नजर रखने के साथ वन अमला संबंधित ग्रामों में मुनादी कराकर इन्हें सचेत कर रहा है। जंगल की ओर जाने से मना किया जा रहा है। ग्रामीणों को आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीणों के घरों को पहुंचा रहे नुकसान
हाथियों के हमले की पीड़ा उदयपुर वन परिक्षेत्र के लोग विगत कई वर्षों से झेल रहे हंै। लगभग दस वर्षों में दर्जन भर मौतें हाथियों के हमले से हो चुकी है। हाथियों ने अभी तक ग्राम गुमगा डाहीमार में छंदन, सालन, करीमन, ललान, जगत, दिलबोध सभी जाति पण्डो तथा जीतू मझवार सहित अन्य लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया है। सोमवार की रात भैंस को हाथियों ने मार डाला। इसका बड़ा कारण जंगलों में मानव का कब्जा और हाथियों के रहवास क्षेत्र में खदानों का संचालन भी है।

हाथियों की कर रहे निगरानी
हाथियों की निगरानी में परिक्षेत्र सहायक अजीत सिंह, चन्द्रभान सिंह, शशिकान्त सिंह, दुर्गेश सिंह, वन रक्षक अमरनाथ, विष्णु, अवधेश, आर्मा कुमार, ऋषि, दिनेश तिवारी, धनेश्वर सिंह सहित अन्य स्टॉफ लगातार डटे हुए हैं।

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