नौतपा के दूसरे दिन भी झमाझम बारिश से तापमान में आई कमी
अंबिकापुर। उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सरगुजा संभाग में पिछले कुछ दिनों से प्री-मानसून एक्टिविटी बनी हुई है, इसके कारण पिछले कुछ दिनों से बारिश हो रही है। 25 मई से नौतपा के बावजूद तापमान में गिरावट महसूस किया जा रहा है। नौतपा के दूसरे दिन सोमवार को भी बारिश के बीच अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया है।
बेमौसम बारिश के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण के मामले में सरगुजा अभी 4 प्रतिशत पीछे है। इसका मुख्य कारण बेमौसम बारिश बताया जा रहा है। बारिश के कारण कुछ समितियों में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। तेंदूपत्ता संग्रहण का जोर सभी समितियों में नहीं पकड़ा है। अधिकांश समितियों में तेंदूपत्ता तोड़ने का काम शुरू हुआ है। समय पर तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य आरंभ नहीं होने से लक्ष्य के अनुरूप तेंदूपत्ता संग्रहण पर संशय की स्थिति निर्मित हो गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण, वनाच्छादित क्षेत्र में निवासरत ग्रामीणों के अतिरिक्त आय का बड़ा माध्यम है। संग्रहण में देरी से संग्राहक परिवारों में मायूसी है। इस वर्ष मई के पहले सप्ताह से ही तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण में दिक्कत आ रही है। वर्ष 2024 में सरगुजा वन वृत्त में तीन लाख 12 हजार 389 संग्राहक परिवारों ने तेंदूपत्ता संग्रहण किया था। इसके बदले उन्हें आनलाइन माध्यम से 203 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इतनी बड़ी राशि ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के जीवन में खुशियां लाने का काम किया है। संघ मुख्यालय की ओर से 36 हजार 200 मानक बोरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आज तिथि तक 34 हजार 695 बोरा का संग्रहण हो चुका है।
बयान
अभी तक 19 करोड़ रुपये का तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ है, जबकि जिले में 14 समिति व 15 लॉट्स हैं। 6-7 समितियों में लक्ष्ण शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है, जो लक्ष्य का 96 प्रतिशत है। बारिश के कारण कुछ परेशानी आ रही है, पर समय रहते लक्ष्य पूर्ण करने की कोशिश है।
अभिषेक जोगावत, वनमंडलाधिकारी सरगुजा

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