आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज करके वैधानिक कार्रवाई की पुलिस
अंबिकापुर। शासकीय कार्य के दौरान अवरोध उत्पन्न करते हुए राजस्व अमले को जान से मारने की धमकी देने के मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुसमी के लिखित आवेदन पर कुसमी थाना में पांच नामजद आरोपियों के विरूद्ध पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व करूण डहरिया ने पुलिस को बताया है कि न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के प्रकरण में पक्षकार बसंती सिंह विरूद्ध सोभनाथ भगत ग्राम कुसमी में पारित आदेश दिनांक 02.05.2025 के अनुसार छत्तीसगढ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 170-ख में निहित प्रावधान के अनुसार बिना किसी विधिपूर्ण प्राधिकार के किए गए कब्जा से अनावेदकों को बेदखल करते हुए भुमि का कब्जा राजस्व अभिलेखों में अंकित भूमि स्वामी स्व. देवचरण सिंह पिता शिवमंगल सिंह के विधिक वारिस बसंती पत्नी, कपिलदेव पुत्र, ममता पुत्री के नाम दर्ज कर कब्जा प्रत्यावर्तित करने का आदेश पारित किया गया है। इसके पालन में राजस्व निरीक्षक कुसमी एवं पटवारी द्वारा 19 मई को कब्जा दिलाने की कार्रवाई की गई। बारिश होने के कारण वादभूमि के शेडयुक्त मकान में रखे अनावेदक के गृह सामग्री को खाली नहीं कराया गया था। इसे 23 मई को प्रात: लगभग 10-30 बजे खाली कराने हेतु राजस्व निरीक्षक कुसमी मौके पर गए, अन्य कर्मचारी पटवारी मोके पर उपस्थित नहीं हुए। तहसीलदार कुसमी एवं पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर शेड युक्त मकान से सामग्री हटाने की कार्रवाई प्रारंभ किए, इस दौरान सोमनाथ भगत, अमरजीत भगत, विजेन्द्र भगत एवं अन्य वाद-विवाद करने लगे। कुछ समय बाद सुनील कुमार पन्ना व योगेन्द्र भगत उर्फ बजेन्द्र भगत मौके पर पहुंचे। सुनील कुमार पन्ना ने इस दौरान पेट्रोल डालकर आग लगा देने व जान से मरने की धमकी दी। कुछ देर पश्चात डिब्बे में पेट्रोल लेकर पहुंच गए, जिसे वहां उपस्थित पुलिस बल ने जप्त किया। अमरजीत भगत के द्वारा सत्यप्रकारश पैंकरा वाहन चालक को भी धमकी दी गई कि एसडीएम आज नहीं तो कल चला जाएगा, सत्यप्रकाश तेरे को यहीं रहना है, तुझे देख लूंगा। पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है और वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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