भीषण आग को बुझाने पूरी रात मशक्कत, दूसरे दिन भी देर शाम तक डटे रहे फायर कर्मी

अंबिकापुर। शहर में मुकेश प्लास्टिक-पटाखा दुकान में लगी भीषण आग पर लगभग 28 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया, लेकिन फायर बिग्रेड की टीम रह-रहकर अंदर से उठते हुए धुआं को देखते हुए मौके पर दो दमकल वाहनों के साथ शुक्रवार को भी देर शाम तक डटी रही। भयावह आग को बुझाने के लिए दमकलों में भरकर लाया गया, लेकिन लाखों लीटर पानी कहां गया, इसका पता ही नहीं चला। कोतवाली थाना के पास स्थित पानी टंकी और अग्निशमन विभाग का पानी टंकी ड्राई होने के बाद ग्रीन कारीडोर बनाकर अन्य पानी टंकियों से दमकल वाहनों में पानी भरकर लाना पड़ा। रातभर ड्राई टंकियों में पानी तो भरा गया, लेकिन इन टंकियों से आम उपभोक्ताओं को सप्लाई किए जाने वाले पानी का लाभ नहीं मिल पाया।
बता दें कि, राम मंदिर रोड से लगे गली में गुरूवार की दोपहर धमाके के साथ मुकेश प्लास्टिक के इमारत में आग लगी थी, इसके सबसे ऊपरी माले से उठती आग की लपटों ने ऐसा रौद्र रूप लिया कि, ग्राउंड फ्लोर तक आग फैल गई और इस बीच बम-पटाखे के धमाकों का शोर भी आम लोगों के साथ ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सुना। इधर आग से इमारत पूरी तरह से डिस्मेंटल योग्य हो गई है, ऐसा जानकारों का कहना है। भवन के कई पिलर अपना स्थान छोड़ दिए हैं, जिससे खतरे की स्थिति बनी हुई है। फायर ब्रिगेड की टीम भी भवन की स्थिति और तपिश के कारण इमारत के अंदर जाने का साहस नहीं जुटा पा रही है। शुक्रवार को भी इमारत से धुआं उठने का नजारा देखने को मिल रहा था, फायर ब्रिगेड की टीम दो वाहनों के साथ मौके पर मौजूद रही। पुलिस भी तैनात है। घटना में तीन मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है। स्थिति नियंत्रण में रहने से आसपास के लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन इस बीच करीब आठ घर भयानक आग की चपेट में आ गए हैं, जिनमें से कुछ घरों की तो बुरी दुर्गति हो गई है। धुएं से अधिकांश घरों के अंदर काली परत जमा हो गई है। घर के अंदर रखे सामान तक सुरक्षित नहीं हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि होमगार्ड के अग्निशमन दस्ते के साथ ही दरिमा एयरपोर्ट, पुलिस विभाग के वरूण वाहन की आग बुझाने में अहम भूमिका रही। फायर स्टेशन की टीम पूरी के साथ अडानी माइंस, एसईसीएल की फायर ब्रिगेड टीमें पूरी रात मौके पर डटी रहीं। सुरक्षा की दुष्टि से आसपास के करीब 20 घरों को खाली कराया गया था, ये परिवार परिचित व रिश्तेदारों के यहां किसी तरह समय काटने को मजबूर थे। लगातार पानी की बौछार से इमारत का एक बड़ा हिस्सा कमजोर होकर ढह गया है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है। बात लिफ्ट के आसपास वेल्डिंग और सिलिंडर ब्लास्ट की भी हो रही है। बताया जा रहा है कि मुकेश प्लास्टिक नामक जिस प्रतिष्ठान में आग लगी, वहां पहले पटाखों का होलसेल कारोबार होता था। कुछ सालों से पटाखों की होलसेल एजेंसी दरिमा रोड पर शिफ्ट कर दी गई थी। इसके बावजूद आग लगने के बाद यहां काफी मात्रा में रखे पटाखों की पोल रह-रहकर घंटों हुए विस्फोट ने खोल दी। दुकान में लाखों रुपये का प्लास्टिक सहित अन्य सामान भी भरा था, जिस कारण आग पूरी तरह बेकाबू रही। अनुमान लगाया जा रहा है कि आग बुझाने में 4 लाख लीटर से अधिक पानी का उपयोग किया गया, तब कहीं जाकर धुएं का उठता गुबार मद्धिम हो पाया, हालांकि अभी भी पूरी तरह से आग बुझ नहीं पाई है, जिस कारण दमकल के साथ कर्मी मौके की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने काम शुरू
राम मंदिर रोड में गुरूवार की रात भीषण गर्मी के बीच लोगों ने अंधेरे में गुजारी। सुबह इन्हें पानी भी नसीब नहीं हो पाया। शुक्रवार को क्षेत्र के लोगों को भीषण गर्मी में राहत दिलाने के लिए दोपहर बाद से बिजली विभाग ने युद्धस्तर पर पहल शुरू की है, और रात के अंधेरे में भी नए केबल वॉयर लगाकर बिजली शुरू करने की कवायद की जा रही है, जिससे इलाके के अधिकांश हिस्से के लोगों को राहत मिली है। हालांकि जिस गली से भीषण आग लगने जैसी घटना की शुरूआत हुई, वहां के रहवासियों को अगले दिन तक ही बिजली की सुविधा मिल पाने की उम्मीद है, क्योंकि इस गली में लगा बिजली का खंभा धराशाई हो गया है, यही नहीं बिजली के पूरे तार जलकर नष्ट हो गए हैं।

इनके घरों को पहुंची बड़ी क्षति
आग की चपेट में आने से प्रमोद पाण्डेय के घर का दो कमरा जल गया है और छत में दरार आ गई है। प्रताप पांडेय के घर का एक फ्लोर पूरी तरह से जल गया है, नीचे धुआं भरने व आग की तपिश से घर के अंदर रखे सामान भी बर्बाद हो गए हैं। प्रफुल्ल पांडेय का घर बंद रहने के बावजूद दीवार में दरारें आ गई हैं, घर के सामान भी बर्बाद हो गया है। कुरैशी सर के घर की भी दीवार क्रेक हो गई है, अलमारी, कपड़ा, फर्नीचर पर आग की बुरी तरह से असर पड़ा है। उमरदराज अली के घर का छज्जा गिर गया है। कुछ घरों के एसी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ब्लास्टिंग की आवाज से घरों में लगा कांच भी फूट गया है। जूता के कारोबारी हैदर के यहां भी आग की लपट पहुंच गई थी, लेकिन उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने स्वयं की सूझबूझ से घरों तक पहुंच रही आग की लपट को रोका, जिससे ज्यादा नुकसान की स्थिति नहीं बनने पाई।

तोड़न पड़ा दीवार और शौचालय
घर के पीछे लगी भीषण आग और दमकल के साथ मौजूद कर्मचारियों को आग बुझाने में हो रही परेशानी को देखते हुए राम मंदिर के सामने अनुज भवन में रहने वाले परिवार के सदस्यों ने अपने घर की बाउंड्री और पीछे की दीवार को तोड़ने की अनुमति दे दी। इसके बाद भी दमकल वाहनों के प्रवेश में रूकावट की स्थिति बन रही थी, बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने शौचालय को भी तोड़वा दिया, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति तो पहुंची, लेकिन दमकल के साथ आग बुझाने के लिए मशक्कत कर रहे फायर मैनों को राहत मिली।

आगजनी प्रकरण की जांच हेतु संयुक्त दल गठित
मुकेश प्लास्टिक दुकान में हुई आगजनी की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 23 अप्रैल को उक्त स्थल पर आगजनी की घटना घटित हुई थी, जिसके परिप्रेक्ष्य में पुलिस अधीक्षक सरगुजा के पत्र के आधार पर पुलिस, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए जांच दल गठित किया गया है। गठित जांच दल में अनुविभागीय दण्डाधिकारी अंबिकापुर, नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर, क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के प्रतिनिधि, जिला नगर सेना तथा नगर पालिक निगम के कार्यपालन अभियंता को शामिल किया गया है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि जांच दल घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

शहर से बाहर फटाका गोदाम शिफ्ट करने के निर्देश

कलेक्टर अजीत वसंत ने नगर में संचालित फटाका गोदामों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशित किया गया है कि नगर अंबिकापुर के सभी फटाका दुकानों के भण्डारण, गोदामों को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए। अंबिकापुर में कुल 08 स्थाई फटाका लायसेंसधारी एवं 02 फटाका निर्माण के लायसेंसधारी संचालित हैं। इनमें मो. जुनैद, .सतीश कुमार जैन, .विनोद कुमार जैन, रोशन लाल गोयल, आशीष कुमार अग्रवाल, अजय कुमार गोयल, गौरीशंकर पाण्डेय, मुकेश कुमार अग्रवाल (दो प्रविष्टियां, जिनमें एक फटाका निर्माण हेतु) तथा मनोज कुमार मारू (फटाका निर्माण हेतु) शामिल हैं।

जांच के बिंदु किए गए तय
अनुविभागीय दण्डाधिकारी अंबिकापुर को निर्देशित किया गया है कि संबंधित सभी फटाका गोदामों का निरीक्षण कर निम्न बिन्दुओं पर जांच सुनिश्चित करें-क्या ये सभी गोदाम रिहायसी क्षेत्र में स्थित हैं। क्या गोदाम तक आकस्मिक स्थिति में अग्निशमन वाहन के पहुंचने हेतु पर्याप्त मार्ग उपलब्ध है। क्या वर्तमान में लायसेंस की शर्तों का पालन किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान अवैध भण्डारण अथवा घनी आबादी के बीच गोदाम पाए जाते हैं तो वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें स्थानांतरित कराया जाए। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि समस्त फटाका गोदामों का निरीक्षण कर 07 दिवस के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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