क्या हैं तकनीकी कारण, इसका नहीं मिल पाया सही जवाब
अंबिकापुर। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के द्वारा पत्रकार वार्ता करके तीन बार टेंडर निरस्त करने का आरोप लगाया था, इस पर जवाबी हमला करने महापौर मंजूषा भगत व एमआईसी मेम्बर, लोक निर्माण विभाग के प्रभारी मनीष सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करके लगाए गए आरोपों को एक सिरे से नकारते हुए इसका ठीकरा निगम आयुक्त पर फोड़ा। इनके द्वारा पहले तो तकनीकी कारण बताकर टेंडर निरस्त करने की बात कही गई, जब इनसे पूछा गया कि ऐसे क्या तकनीकी कारण हैं, जिसके कारण टेंडर एक नहीं तीन-तीन बार निरस्त करने की नौबत बनी, तो इसका संतोषप्रद जवाब सामने नहीं आया, जिसे जान-सुनकर जनता संतुष्ट हो सके। इनका कहना था टेंडर कैंसल के कारण कई हैं, कांग्रेस का काम फिजूल का आरोप लगाना है।


निगम के प्रशासनिक भवन में स्थित महापौर कक्ष में एमआईसी सदस्यों व वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे की उपस्थिति में हुई प्रेसवार्ता की शुरूआत लोक निर्माण विभाग के प्रभारी मनीष सिंह ने की और कहा कि भाजपा की सरकार शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त किया गया है। इसके पीछे का कारण बार-बार जानने का प्रयास पत्रकारों ने किया तो कार्य की लागत बढ़ने और कम दर बताकर टालमटोल भरा जवाब सुनने को मिला। उन्होंने कांग्रेस को हासिए पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सही नहीं थी। वर्तमान निगम की सरकार गुणवत्ता से समझौता की पक्षधर नहीं है। हाल में निरीक्षण के दौरान एक नाली का गुणवत्ताहीन निर्माण पाए जाने पर इसे तोड़वाया गया है। रही बात सड़क के निर्माण और डामरीकरण की, तो बारिश के कारण 15 अक्टूबर तक का समय इसके लिए उपयुक्त नहीं है। इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकृत किए गए सभी निर्माण कार्यों की गति देखने को मिलेगी। शहर में जलभराव की समस्या के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि नालियों की सफाई का काम द्रुतगति से चल रहा है। 10 वर्ष में कांग्रेस जलभराव की समस्या दूर नहीं कर पाई, उन्हें तो निगम का कार्यभार संभाले चंद माह ही हुआ है।

महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि 10 साल तक निगम में कांग्रेस की सरकार थी, तो शहर की स्थिति बदहाल हो गई। वर्तमान में उनके द्वारा किए गए कार्यों की बदौलत शहर का मान बढ़ा, और भारत के राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिला। पत्रकारों ने जब इस सम्मान को कांग्रेस के कार्यकाल की उपलब्धि बताया तो उन्होंने कहा कि भाजपा के द्वारा किए गए नवाचार के बूते अंबिकापुर शहर की रैंकिंग थ्री स्टार से फाइव स्टार में हुई है। उन्होंने आवारा पशुओं के लिए गौठान बनाने और अधिकारियों के साथ भ्रमण करके सरगवां में पांच एकड़ जमीन देखा गया है, जहां गौ वंश को सुरक्षित रखा जा सके और इनके लिए चारा, पानी की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके। कांग्रेस के शासनकाल में बने गौठानों को उपयोगी बनाने के सवाल पर जवाब देते हुए लोक निर्माण विभाग के प्रभारी मनीष सिंह ने कहा कि उन गौठानों की स्थिति भी देखेंगे। महापौर ने टेंडर निरस्त किए जाने के परिप्रेक्ष्य में कहा कि इसमें किसी प्रकार का राजनैतिक दबाव नहीं है। टेंडर निरस्त करने का अधिकार नगर निगम आयुक्त के पास है, उन्होंने तकनीकी कमियां पाई होंगी, इसलिए टेंडर निरस्त कर दिया होगा। वहीं एक सप्ताह के अंदर री-टेन्डर करने की बात कही गई है। महापौर ने कहा कांग्रेस सिर्फ आरोप लगाना जानती है। पहली सामान्य सभा हुई तो काली पट्टी बांधकर आ गए। शोर मचाकर ये विकास कार्य में बाधा पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस दौरान एमआईसी सदस्य श्वेता गुप्ता, जितेन्द्र सोनी सहित अन्य उपस्थित थे।

कोई सुपर महापौर नहीं
महापौर के ऊपर सुपर महापौर की चर्चा के परिप्रेक्ष्य में महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि यहां कोई सुपर महापौर नहीं है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का संदेश देने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के कारण वर्तमान में नगर निगम अंबिकापुर का कमाला महिला के हाथ में है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, इसके पहले निगम में जब कांग्रेस की सरकार थी, तो पांच महापौर थे।

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