अग्निशामक वाहन व पुलिस विभाग के वरूण वाहन की मदद से बुझी आग

एक बस पूरी तरह जलकर खाक हुई, दूसरी बस के इंजन का हिस्सा सुरक्षित

अंबिकापुर। शहर के संजय पार्क के सामने खड़ी सानिया ट्रांसपोर्ट की दो बसों में गुरूवार को सुबह करीब 11.30 बजे भीषण आग लग गई। एक बस पूरी तरह जल गई, दूसरी बस का इंजन का हिस्सा सुरक्षित है। मौके पर पहुंचे होमगार्ड के अग्निशामक दस्ता ने फायर बिग्रेड और पुलिस विभाग के ‘वरूणÓ वाटर कैनन की मदद से आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया। आग की लपट इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद पेड़ की मोटी डगालों में भी आग पकड़ लिया, जिससे काफी देर तक धुआं उठ रहा था। बस के करीब ही बिजली का ट्रांसफार्मर लगा था, जो सुरक्षित बच गया। बिजली सप्लाई के लिए लगे केबल तार और बाक्स आग की चपेट में आ गया। बस में आग लगने से ऊंचाई तक उठा काला धुएं का गुबार काफी दूर से ही दिखाई दे रहा था।

बता दें कि सानिया ट्रांसपोर्ट की बस का संचालन शुरूआत में अंबिकापुर से दिल्ली तक किया जा रहा था। उक्त रूट में यात्रियों की कम संख्या होने के कारण बस का संचालन बाद में बंद कर दिया गया। इसके बाद संजय पार्क की बाउंड्री के पास उक्त बसें लम्बे समय से खड़ी थी, सामने ही बस मालिक रिफतउल्ला खान का निवास भी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे गुरूवार को घर में ही आराम कर रहे थे। आसपास के लोगों से सुबह लगभग 11.30 बजे बस में आग लगने की जानकारी मिली। आननफानन में वे आग बुझाने की व्यवस्था कर ही रहे थे कि बस क्रमांक सीजी 15 एबी 0401 के टायर में लगी आग वीभत्स रूप ले ली और देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई। बगल में खड़ी दूसरी बस क्रमांक सीजी 14जी 1153 में भी पीछे से आग पकड़ लिया, और पास ही स्थित बिजली के खंभे से लगे केबल व अन्य उपकरण भी जलने लगे। तार टूटकर गिरने से बन रही खतरे की स्थिति को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम में घटना की सूचना दी गई। पुलिस की वाटर कैनन ‘वरूणÓ वाहन और अग्निशामक वाहन के साथ टीम आग को काबू करने मशक्कत की, जिससे आग तो बुझ गई, लेकिन एक बस पूरी तरह से जलकर खाक हो गई, दूसरी बस का इंजिन का हिस्सा मात्र सुरक्षित है। घटना के बाद अंबिकापुर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग में काफी देर तक वाहनों का आना-जाना थम गया और जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रांसफार्मर में आग नहीं लगने से बिजली विभाग के कर्मचारियों भी राहत की सांस लिए। आगजनी की इस घटना में बस मालिक को 65 से 70 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।

सूखे पत्तों के लिए एक चिंगारी ही काफी
आग कैसे लगी, इसकी तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई है। बस के आसपास पेड़ों से झड़कर गिरे पत्ते काफी जमा हैं। इन पत्तों में आग लगने के लिए भीषण गर्मी के मौके पर एक चिंगारी ही काफी है। संभावना जताई जा रही है कि बीड़ी, सिगरेट पीकर सूखे पत्ते में ठूंठ फेंकने से आग लगी होगी, जो बढ़ते-बढ़ते बस के टायर तक पहुंच गई होगी। बात किसी के द्वारा सूखे पत्ते में आग लगाने की भी हो रही है। बहरहाल तेज गर्मी और सूखे पत्ते होने के कारण आग को फैलते देर नहीं लगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए धूम्रपान के शौकीनों को ध्यान देना होगा कि वे अपना शौक पूरा करने के बाद जल रहे ठूंठ को असुरक्षित तरीके से ऐसे स्थलों पर न फेंकें, जहां पैरे या पत्तों का जमाव हो।

कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर पहले एक अग्निशामक वाहन टीम के साथ टर्न आउट ली। यहां आने के बाद अग्निरोधक दस्ते ने बताया कि एक गाड़ी से काम नहीं चलेगा, बस में भीषण आग लगी है। इसके बाद दूसरा दमकल वाहन भी भेजा गया। सहयोग के लिए पुलिस कंट्रोल रूम ने अपना वरुण वाहन भी भेज दिया था। आग को काबू में करने के लिए अग्निशामक विभाग की तीन गाड़ियों को लगाया गया था।
अंजनी तिवारी, फायर स्टेशन प्रभारी

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