*नए थाना प्रभारी भटगांव के निष्क्रियता से फल फूल रहे हैं अवैध कबाड़ और कोयला का कारोबार जहां कंपनी को हो रही है रोजाना लाखों रुपए की क्षति*
सुरजपुर :– जिले के अंतर्गत एक ऐसा थाना है जहां लगातार कबाड़ कोयला की चोरी हो रही है जिसका सूचना समाचार के माध्यम से कई बार दिया जा चुका है फिर भी कारण क्या है कि पुलिस प्रशासन की कानों में जूं तक नहीं रेंगती जहां कबाड़ियो के द्वारा दिनदहाड़े पिकअप में कबाड़ लोड करके रोजाना थाना के सामने से गुजर जाते हैं और थाना प्रभारी सहित स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लगती जी हां हम थाना भटगांव की बात कर रहे है जहा एसईसीएल भटगांव क्षेत्र कि चालू और वर्षो से बंद पड़ी कोयला खदानों में लोहा चोरी का सिलसिला पिछले कई महीनो बाद पुनः फल फूल रहा हैं जहा लगातार बेरोकटोक कबाड़ चोरी हो रही हैं जिसके चलते क्षेत्र और बाहर से आए हुए अवैध काम को अंजाम देने वाले की संदिग्ध व्यक्तियों संदिग्ध गतिविधियों को देख कर आम जनमानस में भी भय व्याप्त होता रहा है बताया जाता है आखिर ऐसी कौन सी वजह है की भटगांव क्षेत्र के चालू और बंद पड़े कोयला खदानों से बड़े पैमाने पर लोहा तांबा पीतल जैसे किमती कबाड़ो का चोरी का कार्य बड़ी सक्रियता से फलफूल रहा है फिलहाल प्रशानिक बदलाव के बाद आमतौर पर ऐसे कार्यों पर कुछ दिनों के लिए रोक लग जाता है लेकिन भटगांव थाना एसईसीएल क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं है जहां सक्रिय थाना प्रभारी शरद चंद्रा की ट्रांसफर कर दी जाती है वहीं नए थाना प्रभारी राजेंद्र साहू की पदस्थापना भी हो जाती है जो निक्रिय दिखाई दे रहे जहा का नजारा ही कुछ और है जहा का नजारा ही बदला बदला सा लग रहा है इसके पीछे की वजह क्या है? यह तो प्रशासनिक अधिकारी ही जाने और कारोबारी जो इस काम में संलिप्त हैं जो उन्हें काम करने की अनुमति कैसे मिल जाती है और फिर बेरोकटोक व बेखोफ काम शुरू कर देते हैं आखिर ये काम पूरी तरह से बंद कब होगा ये सवालिया निशान लगाते हैं।
*एसईसीएल के सुरक्षा कर्मचारियों के सहयोग से चोरी हो रहा है कबाड़*
बताया जाता है कि एसइसीएल प्रबंधन भी अपने बेशकीमती उपकरणों और लोह सामग्रियों के संरक्षण के लिए अपने सुरक्षाकर्मियों सहित देश की अन्य सुरक्षाकर्मियों को भी भारी भरकम पेमेंट देकर अपने खदानों और बेशकीमती मटेरियल की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है मिली जानकारी के अनुसार इन सुरक्षाकर्मियों की भी स्थिति संदिग्ध है कहीं ना कहीं इस अनैतिक कार्य में इनकी भी सहमति होती है जो क्षेत्र में बड़ा जन चर्चा का विषय है यही कारण है कि कबाड़ी अपनी इच्छा के मुताबिक भटगांव क्षेत्र की कोयला खदानों को अपना चारागाह बनाये हुए है और करोड़ों रुपए की संपत्ति को लूट कर प्रबंधन को खोखला कर रहे है वही कालरी प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी अपनी बेशकीमती सामग्रियों के संरक्षण के बजाय आपस में एक दूसरे को दोषारोपण कर मामले को ठोस कार्यवाही करवाने के बजाय एक दूसरे पर दोषारोपण करते हुए नजर आते हैं यही कारण है कि इन काबडियो के हौसले और बुलंद हो चलें कहीं ना कहीं इन कबाडि़यो की संदिग्ध गतिविधियों पर प्रबंधन के अधिकारियों की भी संलिप्तता प्रतीत होती है, करोड़ों रुपए के बेशकीमती कलपुर्जे लोहे पीतल तांबा एवं अन्य सामग्रियां चोरी होती हैं लेकिन कोयला कंपनी का कोई भी अधिकारी इस अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपनी तरफ से कोई प्रयास नहीं करता है।
*खदानों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे*
वर्तमान समय में अगर देखा जाए तो पूरे भटगांव एरिया में कोयला खदानों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ही है, क्योंकि जिस तरह से लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं उसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था और चोरी को रोकने पर होती नाकाम सुरक्षा एजेंसियों पर कई सवाल उठ रहे हैं। अभी की स्थिति में देखा जाए तो लगभग सभी खदानों में चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। वही भूमिगत खदान और ओपन खदानों में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटना बढ़ी है। कहने को तो यहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर महीने करोड़ों रुपए सुरक्षा के नाम पर खर्च भी किए जा रहे हैं। इसके बाद चोरी की घटनाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आ रही है। यहां दिन और रात जिस तरह से खदान के अंदर से कोयले की चोरी हो रही है उसे लेकर सवाल उठ रहा है। आखिर सुरक्षा व्यवस्था होने के बाद भी खदान के अंदर से खुलेआम कोयला चोरी कैसे हो रही है या फिर यह सब मिलीभगत से हो रहा है। खदान के अंदर देखा जाए तो चारों तरफ बेशकीमती कबाड़ फैला हुआ हैं. खदान के अंदर चोरी की घटनाएं ना हो इसे लेकर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब सुरक्षाकर्मियों की तैनाती यहां पर की गई है तो फिर चोरी की घटनाएं घटित कैसे हो रही हैं। यहां पर जिन्हें व्यवस्था दी गई है कि चोरी की घटनाएं ना हो वह अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से सही निर्वहन नहीं कर रहे हैं। एक तरफ सुरक्षा के नाम पर बड़ी राशि खर्च की जा रही है तो दूसरी तरफ चोरी की घटनाएं रुक नहीं रही हैं।
*खदानों से लगातार हो रही है कोयले की चोरी*
कबाड़ तो कबाड़ है साथ में कोयले की चोरी तो धड़ल्ले से हो रही है जिसका पूछ परख करने वाला कोई भी नहीं है फिर वह शासन हो या प्रशासन धड़ल्ले से दिन दुगनी रात चौगुनी चल रही है जहां अवैध ईट भट्ठा में इनकी खपत हो रही है जहां कोयला चोर बोरी में भरकर साइकिल और मोटरसाइकिल के माध्यम से अवैध ईट भट्टों मे रोजाना पहुंचा रहे हैं जहां रोजाना लाखों का चूना लग रहा है कंपनी को लेकिन न तो खनिज विभाग को इसका परवाह है और न हीं संबंधित अन्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आखिर सरकार इनको किस लिए वेतन देती है क्या सिर्फ आंखों में पट्टी बांधकर बैठे रहने के लिए।
*भटगांव एसईसीएल क्षेत्र में कबाड़ चोर गैंग सक्रिय*
एसईसीएल भटगांव में कोयला खदानों से कबाड़ की चोरी लगातार हो रही है। दिनदहाड़े पिकअप में कबाड़ भरकर चोर भटगांव थाना के सामने से गुजर रहे हैं। भटगांव थाना प्रभारी और स्टाफ को इसकी भनक तक नहीं लग रही है। यह प्रक्रिया कभी कभार की नहीं बल्कि रोजमर्रा की है। गैंग कबाड़ी चोर के रूप में सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश कबाड़ चोर कई बार जेल जा चुके हैं। इन पर कार्रवाई भी पुलिस की है। कबाड़ चोरी और मारपीट के आरोप में जेल से छूटने के बाद पुनः वही प्रक्रिया दोहराई जाती है। जब कोई अपनी आवाज बुलंद करता है तो औपचारिकता निभाते हुए प्रशासन के द्वारा मामूली कार्रवाई कर खानापूर्ति कर ली जाती है, फिर वही प्रक्रिया बेरोकटोक लगातार चलते रहती है।
*पेट्रोलिंग पर लग रहे सवालिया निशान*
पुलिस प्रशासन के द्वारा ऐसे कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार रात में पेट्रोलिंग की जाती है, जिसका दिशा-नर्देश लगातार बीच-बीच में जिला प्रशासन के द्वारा संबंधित क्षेत्राधिकारियों को दिया जाता है। लगातार पुलिस पेट्रोलिंग के बाद भी ऐसे कार्यों पर अंकुश न लगना सवालिया निशान खड़ा करता है।  ऐसे कार्यों को संरक्षण किसका प्राप्त है इसे लेकर कई प्रकार की चर्चा हो रही है। विभाग सहित कंपनियों को सालाना करोड़ों का चूना लग जा रहा है, लेकिन  संबंधित विभाग के अधिकारियों कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं चोर कोयला व कबाड़ की चोरी को बेख़ौफ़ अंजाम देने में लगे हैं। इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक राम कृष्ण साहू से फोन से बयान लेने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
मै भटगांव थाना क्षेत्र से बाहर हूं, इसके रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा फील्डिंग की जा रही है लेकिन सफलता प्राप्त नहीं हो पा रही है। इस संबंध में यदि आपके सूचना तंत्र को जानकारी है, तो बताएं, कार्रवाई की जाएगी।
*राजेंद्र साहू, थाना प्रभारी भटगांव*

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