युवा कांग्रेस आरटीआई विभाग के चेयरमैन ने कुलपति-कुलसचिव की खामोशी को सवायुवालों के घेरे में लिया  

अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर एक बार फिर नियुक्तियों को लेकर सुर्खियों में आ गया है। विश्वविद्यालय के द्वारा 22 दिसंबर 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर के पदों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था, जो कई त्रुटियों, अशुद्धियों एवं नियमों के उल्लंघन से लबरेज था। युवा कांग्रेस आरटीआई विभाग के चेयरमैन हिमांशु जायसवाल एवं विवि के एनएसयूआई अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने कुलपति से मुलाकात करके इस भर्ती प्रक्रिया को रोक लगाने एवं नए सिरे से सभी नियमों का पालन करते हुए विज्ञापन जारी करने मांग पत्र सौंपा था। इसमें उल्लेख था कि भर्ती में छत्तीसगढ़ राज्य के रोस्टर का पालन नहीं किया गया है, जो सूचना के अधिकार में विश्वविद्यालय ने बताया है। साथ ही विश्वविद्यालय में धारा 52 जब लागू था तो बिना कार्यपरिषद के अनुमति के पद कैसे निकाले गए, इसे सवालों के घेरे में लिया था। बड़ी विसंगति यह भी थी कि, जिन पदों पर दावा आपत्ति मंगाई गई, इसका पुन: सूची प्रकाशन नहीं किया गया। अभ्यर्थियों को यह भी पता नहीं चल पाया कि दावा-आपत्ति का निराकरण हुआ या नहीं।

कुलपति डॉ. राजेंद्र लाखपाले पर गंभीर आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस के हिमांशु जायसवाल ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पैसे के बल पर टिकी हुई है, मनचाहे लोगों को भर्ती किया जा रहा है, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन, संघ एवं सरकार से जुड़े लोगों की संलिप्तता है। प्रदेश सरकार सरगुजा के छात्रों से पैसा लूटने के लिए प्रक्रियाओं के आड़ में मनमानी करने में लगी है। उन्होंने कहा है कि, उनकी जानकारी में सामने आया है कि, लॉ पैनल के लिए सागर विश्वविद्यालय, बुंदेलखंड लॉ कॉलेज और बीएचयू वाराणसी से प्रोफेसर बुलाया गया, जो इस भर्ती प्रक्रिया को अंजाम देंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि, इतने बड़े पदों के लिए गोपनीयता के आड़ में खुला सेटिंग और पैसों के लेनदेन की कूटरचना पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। हिमांशु ने कहा है कि अगर भर्ती पर रोक नहीं लगती है तो राज्यपालके पास निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी और नियमों को ताक में रखते हुए भर्ती करते हैं तो न्यायालय के शरण में जाने से वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा है कि भ्रष्टाचार ओर संघीय ढांचे के हिसाब से विश्वविद्यालय को नहीं चलने दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष गौतम गुप्ता, आयुष गुप्ता, प्रमोद जायसवाल, कृष्णा यादव, सत्यम यादव, अभिनव काशी, अभिषेक उपस्थित रहे।

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