ग्राउंड फ्लोर तक भवन में आई खतरनाक दरार, बैरीकेड लगाकर बंद किया गया आवागमन

अंबिकापुर। शहर के संगम चौक में कांप्लेक्स निर्माण के लिए असुरक्षित तरीके से खोदी गई गहरी खाई के कारण एक तीन मंजिला भवन गिरने के कगार पर आ गया। देर रात आसपास रहने वालों को भूकम्प आने जैसा एहसास हुआ, तो वे घर से बाहर निकल गए। बाहर निकलने पर पता चला कि बगल में स्थित ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिला भवन में दरार आ गई है, और भवन एक ओर झुकते जा रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कोतवाली थाना प्रभारी ने इसकी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अफसरों को दी और एहतियात बरतते हुए संगम चौक से विजय मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते को बैरीकेड लगाकर बंद करा दिया। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से आसपास में स्थित लगभग एक दर्जन दुकानों को बंद करा दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक संगम चौक में मुख्य मार्ग से लगे दुकानों को तोड़वाने के बाद इस भूमि पर कांप्लेक्स का निर्माण दिनेश कश्यप के द्वारा करवाने की तैयारी की जा रही है। मौके पर अंडरग्राउंड निर्माण के लिए गहरा गड्ढा खोदवाया गया है। इससे लगा डॉ. धनन्जय प्रसाद का ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिला मकान है, जिसमें फिलहाल कोई नहीं रहता है, वर्तमान में वे परिवार के साथ रांची में निवासरत हैं और मकान में ताला बंद है। मकान से सटकर अंडरग्राउंड निर्माण कराने के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया है, इसके दो हिस्से में बड़े-बड़े मकान हैं। इनसे सटाकर जिस प्रकार भूतल से नीचे गहरा गड्ढा खोदा जा रहा है, इसे लेकर खतरे की स्थिति बन गई है।
जानकारों का कहना है कि समय रहते इस दूरी को नहीं रोकने पर विशाल भवन धराशाई हो सकता है, बगल में स्थित हार्डवेयर दुकान को भी क्षति पहुंच सकती है। मौके पर बैरीकेड लगाने के साथ निर्माण कार्य में लगे लोगों को भी आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे की स्थिति न बने, इसके लिए सावधानी बरतने और मकान को गिरने से बचाने के लिए पहल करने की सलाह दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रेक्टर के गुजरने पर ऐसा लगा जैसे भवन हिल रहा हो। अंडरग्राउंड निर्माण के लिए मशीनी संसाधनों का सर्वाधिक उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में मशीनरी का उपयोग भी खतरनाक साबित हो सकता है।

ऐसा लगा जैसे भूकम्प आया हो
निर्माण स्थल के करीब रहने वाले बाबूलाल हार्डवेयर के संचालक ने बताया कि रविवार की रात को वे परिवार के साथ घर में सो रहे थे। देर रात उनके मकान से सटे डॉ. धनन्जय प्रसाद का मकान एक ओर झुकने से आई तेज आवाज को सुनकर ऐसा लगा जैसे भूकम्प आया हो। इसके बाद वे बच्चों और पूरे परिवार के साथ घर से बाहर निकल गए, बाहर निकलने पर उनके दुकान और मकान से लगे बंद मकान के बीच दरार और बन रही दूरी को देखकर खतरे का एहसास हुआ और रिश्तेदारों के यहां रात गुजारने के बाद सुबह अपने प्रतिष्ठान में आए। बहरहाल हार्डवेयर दुकान और इससे लगे डॉ. धनन्जय प्रसाद के मकान के बीच बढ़ते गैप के कारण खतरे की स्थिति बनी हुई है।

भवन को सुरक्षिक करने की कवायद शुरू
निर्माण स्थल से लगे मकान को सुरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। भवन को मोटे एंगल का सपोर्ट क्रेन के सहारे दिया जा रहा है, ताकि एक ओर बढ़ रहे झुकाव को नियंत्रित किया जा सके। देखना यह है कि तीन मंजिला भवन को बचाने की जा रही यह कोशिश किस हद तक कारगर साबित होती है।

बयान
भवन एक ओर झुकने के कारण खतरे की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए आसपास के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया है, और बैरीकेड लगाकर संगम चौक से विजय मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते को बंद किया गया है। हार्डवेयर दुकान के संचालक को भी सजग रहने कहा गया है। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। मौके पर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
शशिकान्त सिन्हा, कोतवाली थाना प्रभारी

Categorized in: