फर्जी हस्ताक्षर एवं कूटरचित दस्तावेजों के जरिए निकाला लोन, पूर्व में 6 आरोपी गए हैं जेलअंबिकापुर। मृत व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षर एवं कूटरचित दस्तावेजों के जरिए केसीसी लोन निकालकर गबन करने के मामले में थाना लखनपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपित बैंक मैनेजर ने मृत व्यक्ति के नाम पर बैंक में खाता खुलवाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक लोन स्वीकृत कराया था। आरोपित बैंक मैनेजर पूर्व में भी इस तरह का फर्जी लोन स्वीकृत कर धोखाधड़ी की घटना कारित किया था। पुलिस टीम ने पूर्व में मामले में 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।जानकारी के मुताबिक रामअवतार पिता रामचरण निवासी खुटिया थाना उदयपुर ने 08/07/24 को थाना लखनपुर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि वह अपने पैतृक संपत्ति पर कृषि कार्य करते आ रहा है। वर्ष 2019-20 में जमीन संबंधी दस्तावेज बी-01 निकालने के दौरान उसे पैतृक जमीन में पिता रामचरण के नाम से कुल 02 लाख 18 हजार रुपये का केसीसी लोन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा लखनपुर से होने एवं उक्त जमीन 20/12/14 से बैंक में बंधक होने की जानकारी प्राप्त हुई। उसके पिता की मृत्यु वर्ष 2008 में होने उपरांत वर्ष 2014 में बैंक से ऋण लेने की जानकारी मिलने पर वह ऋण प्राप्त करने हेतु लगे दस्तावेज को अवलोकन किया तो उसमें बलराम बसोर पिता पलटू राम निवासी मुटकी उदयपुर का फोटो लगा मिला। आरोप था कि इसके द्वारा बैंक में अपना नाम रामचरण पिता दखल निवासी मुटकी लखनपुर बताकर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर 02 लाख 18 हजार रुपये का केसीसी बैंक लोन उसके पिता के नाम पर निकालकर गबन किया गया है। मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 419, 420, 467, 468, 471, 201, 34 भा.दं.सं. कायम कर पुलिस ने विवेचना में लिया था। मामले में पुलिस टीम ने पूर्व में कार्रवाई करते हुए आरोपी बलराम बसोर, दरोगा दास, सीताराम कवर, नन्दलाल राजवाड़े, विजय सिंह, बृजलाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था। प्रकरण के आरोपित स्टेट बैंक लखनपुर के तत्कालीन बैंक मैनेजर कुमार देवेन्द्र 59 वर्ष निवासी सलईया, थाना मिश्रोध जिला भोपाल मध्य प्रदेश, हाल मुकाम एसबीआई डीएससी परदेशीपुरा इन्दौर मध्य प्रदेश को परदेशीपुरा इन्दौर मध्यप्रदेश को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपित वर्ष 2013 से 2015 तक स्टेट बैंक लखनपुर में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ था। बैंक मैनेजर के कहने पर ही सभी आरोपी आपस में सांठगांठ कर कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रार्थी रामअवतार के पिता के नाम पर बलराम बसोर को फर्जी रूप से आवेदक बनाकर केसीसी बैंक लोन बैंक स्वीकृत कराए और बैंक मैनेजर ने फर्जी लोन स्वीकृत कर दिया। आरोपी बैंक मैनेजर पूर्व में भी कमीशन के लालच में इस तरह का फर्जी लोन स्वीकृत कराकर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर निरीक्षक अश्वनी सिंह, आरक्षक दशरथ राजवाड़े, जानकी प्रसाद राजवाड़े शामिल रहे।

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