मामला शहर के एचडीएफसी बैंक का, खाते में रकम नहीं होने की जानकारी मिलने पर ग्राहक दौड़ते पहुंचा बैंक
रिपोर्ट पर जांच में जुटी पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक व अधिकारी द्वारा पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलकर एटीएम जारी कराने व चेकबुक का पन्ना फाड़कर रखना पाया

अंबिकापुर। शहर में संचालित एक निजी बैंक के खाताधारक के खाते से रकम तत्कालीन बैंक अधिकारियों द्वारा आहरण करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खाताधारक को बैंक खाते में रकम नहीं होने की जानकारी बैंक से ही फोन करके दी गई थी। बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि उसके बैंक खाता से 13 फरवरी 2023 से 30 मई 2023 के बीच दो लाख रुपये आहरण किया गया है। खाताधारक के द्वारा खाता खोलने के समय जिस मोबाइल नंबर से खाता को लिंक कराया गया था, वह भी बदला हुआ था। खाताधारक कोतवाली थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दिया, जिस पर पुलिस ने धारा 420 का मामला दर्ज करके त्वरित कार्रवाई की।

पुलिस ने बताया कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम खैरबार अंबिकापुर निवासी सोनप्रताप 40 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसका खाता नमनाकला स्थित एचडीएफसी बैंक में है, जिसमें उसका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड था। उसने एटीएम भी जारी नहीं कराया था। एक माह पूर्व उसे पता चला कि खाते में बैलेंस नहीं हैं, जबकि उसके खाते में 2 लाख 30 हजार रुपये थे। इसकी जानकारी मिलने पर जब वह बैंक शाखा नमनाकला में गया और अपना खाता चेक करवाया तो पता चला कि खाता में जमा करीब दो लाख 30 हजार रुपये नहीं है। बैंक से जब वह खाता का स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि 13 फरवरी 2023, 27 अप्रैल 2023, 29 अप्रैल 2023 व 30 मई 2023 के बीच करीब दो लाख रुपये आहरण होना सामने आया। खाताधारक को मोबाइल फोन में रुपये आहरण करने संबंधी किसी प्रकार का संदेश भी नहीं मिला था। जब वह बैंक के खाता से लिंक किए गए मोबाइल नंबर को चेक कराया तो पता चला कि बैंक खाता से दूसरे नंबर को लिंक कर दिया गया था। यही नहीं उसके खाता का एटीएम भी जारी हुआ था, जो उसे नहीं मिला और न ही बैंक की ओर से इसकी जानकारी दी गई थी। खाताधारक के द्वारा फर्जी तरीके से बैंक खाता से किए गए रुपये आहरण की शिकायत पर पुलिस ने थाना कोतवाली में धारा 420, 409, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। पुलिस ने धोखाधड़ी में शामिल आरोपियों के विरुद्ध प्रमाण पाए जाने पर इन्हें गिरफ्तार करके न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना कोतवाली से उप निरीक्षक सुनीता भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक संजय गुप्ता, आरक्षक रुपेश महंत, लालभुवन सिंह, संजय कुजूर शामिल रहे।

ऐसे धोखाधड़ी को दिया अंजाम
कोतवाली पुलिस टीम ने विवेचना के दौरान तत्कालीन बैंक प्रबंधक रवि रंजन सिंह 33 वर्ष निवासी भटगांव, पुराना माइन्स कॉलोनी जिला सूरजपुर एवं बैंक अधिकारी मनीषा जैन 27 वर्ष निवासी जोड़ा पीपल को घेराबंदी कर हिरासत में लिया और पूछताछ की, तो सामने आया कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक व अधिकारियों द्वारा ग्राहक को जारी किए गए चेक बुक में से चेक का 01 प्रति निकाल कर अपने पास रख लिया था। वहीं प्रार्थी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को हटाकर दूसरा नंबर लिंक कर दिया गया। पूछताछ में पूर्व बैंक अधिकारियों ने ग्राहक के खाते से दो लाख 30 हजार रुपये आहरण कर गबन करना स्वीकार किया गया।

Categorized in: