आवारा कुत्तों की बढ़ती तादाद से नगरवासी हलाकान

अंबिकापुर। शहर में जगह-जगह आवारा कुत्तों का जमघट राहगीरों व दोपहिया सवारों के लिए मुसीबत बन रहा है। नगर निगम का ध्यान आवारा कुत्तों की ओर नहीं है, जिस कारण आए दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा मार्ग हो, जहां आवारा कुत्ते झुंड में नजर न आएं। प्रतापपुर रोड, मिशन चौक, कंपनी बाजार, स्टेडियम सहित ऐसे ही अन्य कई स्थलों पर झुंड में मौजूद रहने वाले ये कुत्ते राहगीरों व छोटे बच्चों के खतरा का पर्याय बन रहे हैं। बुधवार को शहर के जिला न्यायालय के आसपास घूम रहा एक पागल कुत्ता न्यायालय परिसर में घुसकर एक अधिवक्ता और कुछ पक्षकारों को घायल कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर नगर निगम के कर्मचारी पहुंचे और कुत्ते को ले गए, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक बुधवार को जिला न्यायालय में रोजाना की भांति अधिवक्ता, पक्षकार सहित अन्य लोग न्यायालयीन कार्य से पहुंचे थे। दोपहर लगभग डेढ़-दो बजे न्यायालय परिसर में एक कुत्ता कुछ लोगों को दौड़ाते हुए उन पर हमला कर दिया। भीड़भाड़ के बीच कुत्ते के पहुंचने से अफरातफरी की स्थिति बन गई। घटना के समय न्यायालय परिसर व बाहर लोगों का आना-जाना हो रहा था। इसकी सूचना नगर निगम को दी गई। मौके पर पहुंचे निगम के कर्मचारी सावधानी पूर्वक रेस्क्यू करके कुत्ते को ले गए। इसके पहले यह कुत्ता अधिवक्ता केडी प्रजापति और कुछ पक्षकारों को जख्मी कर चुका था। लोगों का कहना था कि कुत्ता पागल प्रतीत हो रहा था।
बधियाकरण की पहल करे निगम-अशोक दुबे
अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक दुबे ने बताया कि कोर्ट व स्टेडियम के आसपास दर्जनों आवारा कुत्ते मिल जाएंगे। निगम को शहर में बढ़ रहे आवारा कुत्तों को देखते हुए इनके बधियाकरण की पहल करनी चाहिए। अक्सर देखने को मिलता है कि झुण्ड में मौजूद कुत्ते कभी मवेशी को तो कभी मोटरसाइकिल, साइकिल सवारों को दौड़ाते रहते हैं। चारपहिया वाहनों में जाने वालों को तो फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन दोपहिया सवार कुत्तों से बचने के लिए तेज रफ्तार में निकलने की कोशिश करते दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। साइकिल से जाने वाले स्कूली बच्चे भी खतरे की स्थिति से जूझते रहते हैं।

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