बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय आश्रम की अधीक्षिका पर मारपीट, गाली-गलौज और प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप छात्राओं ने लगाए हैं। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने बताया कि समाज की बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार की सूचना मिली थी, इसके बाद समाज ने जांच समिति गठित किया था। समिति की जांच में आरोप सत्य पाए गए हैं
समाज ने वाड्रफनगर पुलिस चौकी में अधीक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं होने से पूरे छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज में काफी रोष है। उन्होंने बाल कल्याण समिति बलरामपुर को आवेदन दिया है। आवेदन के साथ मारपीट की घटनाओं से संबंधित वीडियो, प्रताड़ित बच्चियों के बयान और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। समाज ने इस मामले पर गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घटना समाज के संवेदनशील वर्ग, विशेषकर आदिवासी समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर रहा है। आश्रम बालिकाओं के संरक्षण और शिक्षा के लिए स्थापित है, यहां इस प्रकार की घटनाएं चिंताजनक हैं। समाज ने संबंधित अधिकारियों से त्वरित और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आश्रम में रहने वाली बालिकाओं का विश्वास बहाल हो सके।

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