शहर में एकाएक असामाजिक तत्वों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा, नगरवासी चिंतित

अंबिकापुर। शहर में एकाएक असामाजिक तत्वों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। इसमें नाबालिगों का शामिल होना चिंतनीय है। खुलेआम सोशल मीडिया में जिस प्रकार की हरकतें युवावस्था में कदम रखते तक सामने आ रही हैं, इसे देखकर तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। स्कूल में पढ़ने के लिए जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उद्दंडता में लगे लड़कों के अभिभावकों की कार्यशैली को लेकर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं पर नजर डालें तो कानून का खौफ अपराधिक गतिविधियों में लगे लोगों में नाममात्र का देखने को नहीं मिल रहा है। मारपीट, तोड़-फोड़ जैसी घटनाओं ने लोगों को सकते में ला दिया है। हाल में कोतवाली के सामने वाहन सवार लोगों के साथ मारपीट, गालीगलौज, कार में तोड़फोड़ के बाद गुरुवार की रात कोतवाली थाना क्षेत्र के रसुलपुर में दो गुटों के बीच जमकर मारपीट की घटना सामने आई। इन सबके बीच सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो ने तो सामान्य अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता में डाल दिया है। वे पूछ रहे हैं, कहां गए कानून के रखवाले। इस वीडियो में कुछ लोग एक स्कूली छात्र को बेरहमी से मार रहे हैं और ऐसी अभद्र गालियों का प्रयोग कर रहे हैं, जिसे देख-सुनकर किसी भी अभिभावक का खून खौलना लाजिमी है। नई पीढ़ी के बदमाशों के आतंक का अलग-अलग वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ है। हालांकि कोतवाली पुलिस तीनों को हिरासत में लेकर अग्रिम जांच कार्रवाई में लगी है।

फिल्मी स्टाइल में गैंगवार ने दहशत में डाला
पढ़ने की उम्र में अपराधिक गतिविधियों को फिल्मी स्टाइल में गैंग बनाकर अंजाम दे रहे किशोर उम्र के लड़कों की हरकतें अक्षम्य है। महज 16 से 18-20 वर्ष के लड़के बेखौफ भयादोहन का जो परिदृश्य सामने ला रहे हैं, यह आने वाले समय के लिए शुभ संकेत नहीं है। कम उम्र का लाभ लेकर कानून इन्हें भले ही रियायत दे, लेकिन हाल में वायरल वीडियो को देखने के बाद सामान्य अभिभावक स्कूल जाने वाले अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उद्दंडता की हद पार कर रहे ये लड़के किसी भी गल्ली मोहल्ले में जाकर मारपीट करने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर के एकाएक ऐसे गैंग का लाठी-डंडे व धारदार हथियार के साथ सामने आना सभ्य समाज को हैरत में डालने वाला है। वायरल वीडियो में फिल्मी स्टाइल में छात्र के साथ मारपीट कर उसके दिलो-दिमाग में खौफ भरने का प्रयास, एक अन्य वीडिया में कार में सवार होकर गाली-गलौज और स्वयं के आतंक की ललकार, युवावस्था की ओर बढ़ते कदम के बीच अपराध की नई दुनिया के बलवती होने का संकेत दे रहा है।

अभिभावकों पर भी नकेल कसना जरूरी
किशोर उम्र से ही बेलगाम होते बच्चों पर अभिभावकों का अंकुश नहीं होना चिंतनीय है। ऐसे में अभिभावकों पर भी नकेल कसने की जरूरत है, या फिर उद्दंडता की हद पार करने में लगी नई पीढ़ी को सबक सिखाने ऐसा कुछ ठोस कदम उठाना होगा, जिससे अपराध के गढ़ का नवोदय न हो, युवाओं की राह बदले। हालिया सामने आए हालातों को देखने के बाद प्रतीत होता है कि अभिभावकों का ध्यान बच्चों पर नहीं है। किशोर व युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की लत व कम उम्र में कई तरह के शौक ने भी इनकी विचारधारा को बदल डाला है, जिसे पूरा करने की कशिश इन्हें भटकाव के मार्ग तक पहुंचा रही है। स्कूलों में भी बच्चों की उद्दंडता पर नजर रखनी जरूरी है, हालांकि किसी प्रकार का ठोस कदम बनने पर अभिभावकों की ओर से उठाए जाने वाले कदम को देखकर शिक्षक भी अब ऐसी सख्ती बरतने से गुरेज करते नजर आते हैं। पुलिस भी अपनी जिम्मेदारियों के बीच मन मसोसकर सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रही है। विधि से संघर्षरत बालकों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजना ही इनका दायित्व बनकर रह गया है।

सोशल मीडिया पर छात्र से मारपीट के एक वायरल वीडियो को पुलिस ने संज्ञान में लिया है। इसके आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। इनके साथियों की भी तलाश की जा रही है। कुछ दिन पूर्व कार में की गई तोड़फोड़ के मामले में भी अपराध दर्ज कर लिया गया है
पुपलेश कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

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