बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन ने गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस बार 18 समर स्पेशल ट्रेनें चला रहा हैं। इन ट्रेनों का संचालन 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है और यह 15 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान ये ट्रेनें कुल 88 फेरे लगाएंगी। 18 स्पेशल ट्रेनों में से 13 ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि बाकी ट्रेनें जल्द ही चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी। ये ट्रेनें देश के प्रमुख शहरों के बीच चलाई जाएंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

908 समर स्पेशल ट्रेने लगाएंगी 18,262 फेरे
पूरे देश में भारतीय रेलवे ने गर्मी के मौसम के लिए 908 समर स्पेशल ट्रेनों को मंजूरी दी है। ये ट्रेनें 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच कुल 18,262 फेरे लगाकर अतिरिक्त भीड़ को संभालेंगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, इतवारी, रायगढ़ और शहडोल पर भी खास व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं, पेयजल की बेहतर व्यवस्था की गई है, प्रतीक्षालयों को सुधारा गया है और साफ-सफाई व सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रतीक्षा सूची घटेगी और कंफर्म टिकट की संभावना बढेगी
रेलवे के अनुसार स्पेशल ट्रेनों के चलने से ट्रेनों में भीड़ कम होगी, प्रतीक्षा सूची घटेगी और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना पहले से ज्यादा बढ़ेगी। इससे सफर भी पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक हो सकेगा।

अगर भीड़ बढ़ेगी तो चलाई जाएगी अतिरिक्त ट्रेनें
मालूम हो कि हर साल गर्मियों की छुट्टियों के दौरान भारतीय रेलवे में यात्रियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ जाती है। स्कूलों की छुट्टी होने और सफर की मांग चरम पर होने के कारण, नियमित ट्रेनें अक्सर अपनी क्षमता से ज्यादा भर जाती हैं, जिससे लंबी वेटिंग लिस्ट बन जाती है। इस भीड़ को संभालने के लिए समर ‘स्पेशल ट्रेनें’ चलाना एक नियमित रणनीति बन गई है। खास तौर पर बिलासपुर जैसे अधिक मांग वाले क्षेत्रों में, जो मध्य भारत में रेलवे का एक प्रमुख केंद्र है, इन ट्रेनों का संचालन बहुत जरूरी हो जाता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में भीड़ और बढ़ती है, तो अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। यात्रियों की संख्या और टिकट बुकिंग पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि जरूरत के हिसाब से समय पर बदलाव किए जा सकें।

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