दंडवत होते छठ घाट पहुंचने वाले व्रतियों को शंकरघाट मार्ग की दुर्दशा का झेलना पड़ेगा दंश
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ प्रारंभ हुआ, इसके बाद कठिन साधना का महापर्व 26 से 28 अक्टूबर तक भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। छठ का व्रत महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। इस साल छठ पूजा 25 अक्टूबर को नहान खान से शुरू हो गई है। व्रतियों ने स्नान कर पूरी शुद्धता के साथ भोजन बनाया। भोजन में अरवा चावल, चने का दल, लौकी की सब्जी घी में बनाकर ग्रहण किया। इसके साथ ही कठिन व्रत की शुरूआत हुई। रविवार को श्रद्धालु पूरे दिन निर्जला रहकर शाम को विभिन्न घाटों में पहुंचेंगे और घाटबंधान की विधि पूर्ण करेंगे। इसके बाद घर पहुंचकर खीर, पूरी का प्रसाद बनाएंगे और ग्रहण करेंगे, और निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा।
सोमवार को व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे, वहीं मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अनुष्ठान पूर्ण करेंगे। शहर में स्थित शंकरघाट, मैरिन ड्राइव, जेल तालाब, शिवसागर बांध, शिवधारी तालाब, चम्बोथी तालाब के अलावा शहर के करीब खर्रा नदी तट, बिलासपुर रोड में स्थित श्री राम घाट सहित जिले के अन्य नदी, तालाबों में श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार श्रद्धा अर्पण करने के लिए उमड़ेंगे। इसे देखते हुए सभी नदी, तालाबों में स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया है, वहीं सड़क की दुर्दशा का सामना छठ व्रतियों को करना पड़ेगा। क्योंकि कई छठ व्रती रास्ते भर दंडवत होते छठ घाट तक पहुंचते हैं। गड्ढे और धूल-धुसरित सड़क के कारण इन्हें काफी दिक्कत होगी। छठ पर्व के लिए तैयार घुनघुट्टा श्याम घाट में दो हजार व्रतियों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यहां छठ पर्व के मौके पर देव औरंगाबाद के प्रवीण सिंह और उनकी टीम के द्वारा भक्ति कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी, 28 अक्टूबर की सुबह बनारस से आए पुजारियों के द्वारा भव्य गंगा आरती की जाएगी।
शंकरघाट में 50 हजार छठव्रतियों के लिए व्यवस्था
महामाया छठ पूजा समिति के द्वारा शंकरघाट में 50 हजार व्रतियों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। समिति के प्रमुख विजय सोनीे ने बताया कि विगत 26 वर्षों से महामाया छठ सेवा समिति के द्वारा शंकरघाट में छठ व्रतियों के कठिन साधना के लिए तैयारियां की जाती हैं। इस बार 50 हजार व्रतियों के लिए पंडाल के साथ ही बैठक व्यवस्था और ठंड के मौसम को देखते हुए अलावा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। व्रतियों को अर्घ्य देने के लिए दूध भी समिति की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा चाय, बिस्किट की व्यवस्था समिति की ओर से की गई है।
400 से अधिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल ने जिले में यातायात व्यवस्था सहित सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने के दिशा-निर्देश दिए हैं, इसके परिपालन में छठ पर्व के दौरान कुल 14 घाट पर 400 से अधिकारी, पुलिस बल तैनात किए गए हैं। सर्वाधिक खर्रा नदी, घुनघुट्टा बांध एवं शंकरघाट रामानुजगंज रोड़ में 50-50 का बल तैनात किया गया है। सादी वर्दी में बल तैनात किए गए हैं, जिससे भीड़-भाड़ में असामाजिक तत्वों की पहचान कर सख्ती से कार्रवाई और चैन स्नेचिंग सहित अन्य अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। 5 पेट्रोलिंग टीम की तैनाती रहेगी, जो 2 शिफ्ट में लगातार भीड़-भाड़ वाले क्षेेत्रों में पेट्रोलिंग करेंगे।
बड़ी वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित
छठ पर्व के मद्देनजर शनिवार 26 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक व 27 अक्टूबर को के दोपहर 12 बजे से 28 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक मालवाहक वाहनों का पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। 27 अक्टूबर को शाम 4 के बाद दरिमा की ओर से अंबिकापुर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों हेतु घुनघुट्टा नदी पुल से आवागमन पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। पर्व के दौरान सरगुजा पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, जो किसी भी अप्रिय स्थिति में सहायता प्रदान करेंगे।
वाहनों के आने-जाने का मार्ग परिवर्तित
शंकरघाट एवं घुनघुट्टा बांध की ओर आने-जाने वाली चार पहिया वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। रामानुजगंज से आने वाली यात्री बस एवं चार पहिया वाहन भकुरा नवापारा होते हुए सरगवां सकालो निकलकर आएंगी। 27 अक्टूबर को शाम 4 बजे के बाद दरिमा की ओर से घुनघुट्टा नदी की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहन एवं घुनघुट्टा छठ घाट में श्रद्धालुओं को छोड़ने आए सभी वाहन डायवर्सन मार्ग दरिमा एयरपोर्ट के आगे हाईस्कूल रोड का प्रयोग कर गंतव्य की ओर जाएंगे। लुचकी से दरिमा की ओर आने-जाने वाली यात्री बसें एवं अन्य वाहनों का करजी चौक तथा नवानगर व दमाली से, दरिमा की ओर से आने-वाली बसों एवं अन्य वाहनों का मार्ग एयरपोर्ट तिराहा से परिवर्तित किया गया है। न्यू बस स्टैण्ड से रायपुर, रायगढ़, बनारस, वाड्रफनगर एवं मनेन्द्रगढ़ की ओर आने-जाने वाली यात्री बसें यथावत चलेंगी। इसी क्रम में न्यू बस स्टैण्ड से प्रतापपुर की ओर आने-जाने वाली यात्री बसें गांधी चौक, अम्बेडकर चौक, बनारस मार्ग, सांई कॉलेज, डिगमा, सरगवां होते हुए आना-जाना करेंगी। रामानुजगंज की ओर आने-जाने वाली यात्री बसें गांधी चौक, अम्बेडकर चौक, बनारस मार्ग, सांई कॉलेज, डिगमा, सरगवां, चिखलाडीह, सिधमा, ककना, होते हुए आना-जाना करेंगी।
शंकरघाट जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व्यवस्था
शंकरघाट की ओर जाने वाले मार्ग में संजय पार्क के सामने व वन विभाग के बाउंड्रीवॉल के बगल में बाइंर् तरफ चार पहिया वाहन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सूटन ढाबा, मुक्तिधाम मोड़, खनिज बेरियर में दोपहिया व पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम में चार पहिया वाहन पार्किंग तथा शिव मंदिर के सामने दोपहिया वाहन पार्किंग कर सकते हैं। इसके अलावा सरगंवा रिसॉर्ट के सामने दो पहिया वाहन, सरगंवा रिसॉर्ट के अंदर, मोंटफोर्ट स्कूल के बगल में तथा प्रतापपुर रोड से शंकर घाट आने वाले मार्ग में सड़क से नीचे किनारे बाएं तरफ चार पहिया वाहन पार्किंग किया जा सकता है।
घुनघुट्टा नदी जाने वाले यहां करेंगे वाहनों की पार्किंग
अंबिकापुर से घुनघुट्टा नदी छठ घाट पूजा हेतु अपरान्ह 3 से 4 बजे तक जाने वाले सभी चार पहिया वाहन घुनघुट्टा नदी पार करते हुए नदी के दाएं तरफ अपने वाहन को पार्किंग करेंगे। शाम 4 बजे के बाद घुनघुट्टा नदी पुलिया से सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन आमजनता हेतु पूर्णत: बंद रहेगा। दरिमा से घुनघुट्टा नदी छठ घाट पूजा हेतु आने वाले सभी दो पहिया एवं चार पहिया वाहन घुनघुट्टा नदी के पास स्थित फुटबॉल ग्राउंड में पार्किंग किए जाएंगे। अंबिकापुर से दरिमा मार्ग में घुनघुट्टा नदी के पूर्व में सड़क के नीचे बाइंर् तरफ दोपहिया वाहन पार्किंग व बिलासपुर मार्ग में अंबिकापुर एवं लखनपुर की ओर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों की पार्किंग घुनघुट्टा नदी के पूर्व सड़क के नीचे बाइंर् तरफ होगी।

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