अंबिकापुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ प्रदेश की सहकारी समितियों में खरीफ सीजन में सर्वाधिक प्रचलित डीएपी खाद की अनुपलब्धता एवं उपलब्ध खाद एनपीके की कीमत में गुपचुप तरीके से 250 रुपये की वृद्धि को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि खरीफ सीजन प्रदेश के किसानों के आर्थिक मजबूती की दृष्टि से महत्वपूर्ण सीजन है। मानसून समय से पूर्व राज्य में प्रवेश कर गया है और किसान खरीफ फसलों की तैयारी में लग गए हैं, लेकिन खाद की उपलब्धता को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की उदासीनता देखकर ऐसा लगता है कि किसानों की चिंताएं बढ़ने वाली हैं। केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के कृषि मंत्री विशेष तौर पर डीएपी खाद उपलब्ध कराने में अपनी असमर्थता जता चुके हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में विविध मृदा परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ है कि 18ः46ः0ः13 कॉम्प्लेक्स का डीएपी खाद खरीफ सीजन में धान, मक्का और उद्यानिकी फसलों के प्रचुर उत्पादन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है, जबकि ऐन सीजन शुरू होने के समय पूरे प्रदेश की सहकारी समितियों में यह खाद गायब है। मौजूदा एनडीए सरकार और राज्य सरकार का किसानों और कृषि क्षेत्र के प्रति असंवेदनशील रवैया जगजाहिर है। इसी कारण डीएपी खाद जो विदेशों से आयात होता है, पर सरकार विदेशी मुद्रा खर्च करने से बच रही है, भले ही खरीफ सीजन में किसान की पैदावार प्रभावित हो जाए। यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि समितियों में उपलब्ध खाद एनपीके की कीमतों को 250 रुपये बढ़ा दिया गया है। जिन समितियों ने पूर्व में ही डीओ बनवा लिया है किंतु खाद की अनुपलब्धता के कारण माल नहीं उठा पाए, उन पर भी बढ़ी दर से भुगतान का दबाव है। बड़ी बात यह है कि एनपीके खाद खुले बाजार में मौजूद है, लेकिन सहकारी समितियों में सरकार इसे उपलब्ध ही नहीं करा पा रही है। बढ़ी हुई कीमत किसानों का कमर तोड़ देगी। सिंहदेव ने सरकार से आग्रह किया है कि वो किसानों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए डीएमओ के माध्यम से सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में छत्तीसगढ़ की मृदा के अनुरूप कॉम्प्लेक्स का डीएपी खाद का भंडारण कराएं, साथ ही खाद की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लें। अगर सरकार इस मामले में उदासीन रवैया अपनाएगी तो निश्चित ही प्रदेश के गरीब किसान खाद की कालाबाजारी की चपेट में आएंगे जो उनके आर्थिक हितों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी।
इधर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, पीसीसी उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पीसीसी महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा, निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद एवं पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने प्रदेश सरकार से सवाल किया है कि क्या धान के खरीदी मूल्य में भाजपा के द्वारा की गई वृद्धि को एनपीके खाद की कीमतों को बढ़ाकर प्रदेश के गरीब किसानों से वसूला जा रहा है। सभी ने सरकार से अपील की है कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द से जल्द किसानों के लिए डीएपी खाद उपलब्ध कराए। अगर सरकार की अकर्मण्यता के कारण किसानों को यह खाद उपलब्ध नहीं हुआ तो धान की पैदावार प्रभावित होगी, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार की होगी।

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