अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन द्वारा डीए, वेतन विसंगति, कैशलेस उपचार सुविधा सहित 11 सूत्रीय लंबित मांगों व मोदी की गारंटी लागू करो अभियान के तहत जारी तीन दिवसीय कलम बंद, काम बंद आंदोलन बुधवार को समाप्त हुआ। पहले दिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने कार्यालयों में काम बंद करके धरना-प्रदर्शन की शुरूआत की थी। हड़ताल की समाप्ति तक शासन की ओर से इनकी मांगों को किसी प्रकार का तवज्जो दिया गया हो, ऐसा देखने को नहीं मिला। ऐसे में फेडरेशन से जुड़े अधिकारियोंं और कर्मचारी गुरूवार को धरनास्थल से नारेबाजी करते कलेक्टोरेट तक पहुंचे। काफी संख्या में कर्मचारियों के आने की खबर पर कलेक्टोरेट कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वारा बंद कर दिया गया था, जिसे खुलवाकर सभी कर्मचारी नारेबाजी करते अंदर तक प्रवेश कर गए और हड़ताल समाप्ति की सूचना देते हुए ज्ञापन सौंपा। पूर्व में भी संगठन द्वारा हड़ताल किया गया था जो शासन द्वारा दिए गए आश्वासन पर समाप्त हुआ था। एक बार फिर फेडरेशन ने आंदोलन का जिस प्रकार आगाज किया था, उम्मीद थी कि सरकार इनकी मांगों को लेकर सकारात्मक रूख अपनाएगी, लेकिन ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया। बहरहाल कर्मचारियों के काम पर वापसी से सामने आ रही व्यवहारिक दिक्कतों से निजात मिलेगी।

 

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