कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा बच्चों के बीच बैठकर साथ में किया भोजन
अंबिकापुर। अंबिकापुर विकासखण्ड के घंघरी में स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित पहाड़ी कोरवा आदिवासी आवासीय विद्यालय में गुरूवार को शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया। यह आयोजन विशेष पिछड़ी जनजाति-पहाड़ी कोरवा समुदाय के नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया। कलेक्टर विलास भोसकर स्वयं विद्यालय पहुंचे और बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करके शाला जीवन के प्रवेश उत्सव पर अच्छे से पढ़ाई करने की शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर विलास भोसकर ने प्राथमिक स्तर के नवीन भवन का उद्घाटन अत्यंत भावनात्मक और प्रेरक शैली में बच्चों के हाथों फीता कटवाकर कराया। उन्होंने कहा कि यह भवन इन्हीं बच्चों का है, और उनके हाथों से लोकार्पण कर उन्हें स्वामित्व और आत्मगौरव का अनुभव कराया जाए। शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर कलेक्टर ने नवप्रवेशी बच्चों को स्कूल ड्रेस, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेंसिल जैसी जरूरी शैक्षणिक सामग्री वितरित की। इस पहल से पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह की झलक देखने को मिली। विद्यालय परिसर में बच्चों ने सरगुजिहा लोकभाषा में स्वागत गीत प्रस्तुत कर कलेक्टर का अभिनंदन किया। बच्चों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को लोक-संस्कृति के रंगों में रंग दिया। शाला परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत फलदार और छायादार वृक्ष लगाए। कलेक्टर विलास भोसकर ने विद्यालय के बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। बच्चों से संवाद करके उनके अनुभव को सुना और उन्हें नियमित रूप से स्कूल जाने, खेलने और पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
शिक्षा ही है सबसे बड़ी शक्ति-कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की, वे बच्चों को ऐसा वातावरण दें, जिसमें वे आत्मविश्वास के साथ सीख सकें, समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। इस दौरान सहायक आयुक्त ललित शुक्ला, डीईओ अशोक कुमार सिन्हा, बीईओ गोपाल कृष्णा दुबे, जनपद पंचायत सीईओ राजेश सेंगर, एपीओ रविशंकर पांडेय, विद्यालय के शिक्षक सहित अन्य उपस्थित रहे।

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