गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। अंबिकापुर में मानसून के प्रभावी होने की सामान्य तिथि 15 जून है। 15 जून के पूर्व वायुमंडल का तापमान वर्ष के उच्चतम अवस्था में रहता है। प्री मानसून की गतिविधियों, बौछारों के बाद तापमान में क्रमश: गिरावट आती है। अगर जून माह में वर्ष 1969 से 2023 के बीच के आंकड़ों पर गौर करें तो 02 जून 1969 और आज 20 जून 2023 को छोड़कर न्यूनतम तापमान 30 डिग्री या इसके ऊपर जून के पूर्वार्ध में रहा है। पिछले पांच दिनों में अंबिकापुर का औसत न्यूनतम तापमान इस बार अपने उच्चतम पायदान पर पहुंचा हुआ है। इस वर्ष यह मान 29.2 डिग्री के अपने सर्वोच्च उच्चतम मान पर है। इसके पहले 16 जून से 20 जून की अवधि में न्यूनतम तापमान का उच्चतम औसत मान 28.7 डिग्री सन 1972 में दर्ज किया गया था। वर्ष 2023 में पूरे जून माह का औसत न्यूनतम 24.8 डिग्री रहा। पिछले 55 वर्षों में सबसे गर्म जून सन 2009 में रहा है। इस वर्ष जून का औसत तापमान 39.9 डिग्री था, 17 दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर था। जून में अधिकतम का सर्वोच्च मान 44.7 डिग्री 02 जून 2012 के नाम दर्ज है। ऐसे में देखा जाए तो पिछले 55 वर्षों की अवधि की तिथियों में जून में न्यूनतम दैनिक तापमान 30 डिग्री या इसके ऊपर पहुंच बनाया था।

आषाढ़ का महीना 15 दिन बीतने के बाद भी धरती धधक रही है। सरगुजा संभाग भीषण गर्मी व लू की चपेट में है। इसके साथ ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 से 7 डिग्री अधिक है। घरों में छतों पर खुले लगे सिन्टेक्स के पानी का ताप ऐसा है जैसे वॉटर हीटर से गर्म किया गया हो। चुभने वाली तीखी धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट का कहना है पिछले वर्ष 2022 की रात की तुलना में इस वर्ष 6.9 डिग्री अधिक तापमान पर रहते हुए पंखा, कूलर, एसी के आगे करवट बदल रहे हैं। वर्ष 2023 में 15 जून के बाद 20 जून तक के अधिकतम तापमान को आजमाएं तो इस वर्ष का 16 जून से 20 जून की अवधि का औसत अधिकतम वर्ष 2009 के बाद सबसे अधिक है। इस वर्ष यह मान 40.2 डिग्री है, जबकि इसी अवधि में पिछली बार अम्बिकापुर 2009 में 41.1 डिग्री गर्म था। 16 से 20 जून की अवधि में अमूमन मानसून की बारिश हमें ठंडक पहुंचा ही देती है पर कुछ वर्षों में इस अवधि में भी औसत अधिकतम 40 डिग्री के पार जाता रहा है। जिन वर्षों में 16 जून के बाद के पांच दिनों में औसत अधिकतम तापमान 40 या इसके ऊपर रहा है वे 1972 में 41.1 डिग्री, 2005 में 42.8, 2009 में 41.1 और 2023 में 40.2 डिग्री रहा है। अब तक के जून के उत्तरार्ध में जिन वर्षों में अंबिकापुर नगर भीषण गर्मी की चपेट में रहा है, उन वर्षों की 16 से 20 जून की अवधि की वर्षा पर नजर डालें तो 1972, 2005 और 2009 के वर्षों में इस अवधि में शून्य (निरंक/जीरो) वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष महज 0.4 मिमी वर्षा हुई है। हालांकि इसी अवधि में 2018 में भी वर्षा शून्य ही थी परंतु इसके पूर्व आठ दिनों में 36.7 मिमी वर्षा हो चुकी थी। कुछ ऐसी ही स्थिति 1973 और 2006 में भी निर्मित हुई थी।

जून में अंबिकापुर के न्यूनतम तापमान का विश्लेषण
दिनांक    डिग्री सेल्सियस
02 जून 1969 30.0
16 जून 1972 30.9
03 जून 1994 30.9
04 जून 1994 32.4
05 जून 1994 30.2
04 जून 1995 30.4
09 जून 1995 30.5
11 जून 1995 30.1
12 जून 1995 31.1
13 जून 1995 30.3
05 जून 2003 31.1
06 जून 2019 30.0
12 जून 2019 30.4
20 जून 2023 30.0

पिछले कुछ वर्षों के न्यूनतम पांच दिनी औसत, 16 से 20 जून के बीच  
वर्ष डिग्री
2014-24.0
2015-24.6
2016-24.9
2017-24.4
2018-25.9
2019-25.2
2020-21.9
2021-22.0
2022-23.0
2023-29.2

जून में 44 डिग्री या इस सीमा को लांघने वाले दिन
03 जून 1994-44.0
04 जून 1995-44.0
05 जून 1995-44.0
06 जून 1995-44.2
07 जून 1995-44.0
02 जून 1998-44.0
03 जून 1998-44.5
04 जून 2003-44.3
05 जून 2003-44.3
06 जून 2003-44.0
03 जून 2010-44.1
02 जून 2012-44.7
13 जून 2019-44.2

आज 13 घंटे 33 मिनट 46 सेकेंड दिन, 10 घंटे 19 मिनट 10 सेकेंड रात

पिछले 21 मार्च को जब सूर्य के ठीक सम्मुख पृथ्वी की विषुवत रेखा थी अर्थात इस दिन जब सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर लंबवत चमक रहा था, तब पूरी पृथ्वी पर समान रूप से 12 घंटे की अवधि का दिन और इतनी ही अवधि की रात बनी हुई थी। 21 मार्च के बाद पृथ्वी साढ़े 23 डिग्री झुकी धुरी पर घूमती हुई जब सूर्य के सम्मुख उत्तरी ध्रुव की ओर से सूर्य के नजदीक आने लगी तब उत्तरी गोलार्ध की दिन की अवधि 12 घंटे से अधिक और दक्षिणी गोलार्ध में दिन छोटी होने लगी। इस समय सूर्य के सम्मुख पृथ्वी की कर्क रेखा है। कर्क रेखा उत्तरी गोलार्ध की वह अंतिम काल्पनिक रेखा है जहां 21-22 जून को सूर्य की किरणें लंबवत होने के बाद पुन: भूमध्य रेखा की ओर विचलित होती है। अर्थात 21-22 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबी अवधि का दिन और सबसे छोटी रात होती है। 22 जून के बाद क्रमश: रात की अवधि बढ़ती है और दिन की अवधि घटती है। ग्रीष्म विषुवत या ग्रीष्म आयनात के रूप में हम इस तिथि को याद करते हैं। इस दिन कर्क रेखा पर इस बार 21 जून बुधवार को दिन की औसत अवधि 13 घंटे 33 मिनट 46 सेकेंड  जबकि रात की अवधि 10 घंटे 19 मिनट 10 सेकेंड के लगभग रहेगी। इस दिन को उत्तरी ध्रुव पर रात नहीं होती और दक्षिणी ध्रुव पर दिन नहीं होता। अर्थात उत्तरी ध्रुवीय कटिबंध में (66.5 ए से  0 ए उत्तरी अक्षांस) पर दिन की अवधि 24 घंटे और दक्षिणी ध्रुवीय कटिबंध पर 24 घंटों की रात होगी।

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