अंबिकापुर। शहर में बुधवार को सेंट्रल जीएसटी विभाग ने बड़ी छापेमार कार्रवाई की। शहर के एमजी रोड स्थित नवीन इंजीनियरिंग संस्थान में रायपुर से पहुंची टीम ने अचानक दबिश दी और 12 घंटे से अधिक समय तक दस्तावेजों, मशीनों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की। यह कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही, जिससे शहर के व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, टीम ने संस्थान में मौजूद बिल, वाउचर, लेखा दस्तावेज, जीएसटी रिटर्न और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। साथ ही कंप्यूटर, हार्ड डिस्क सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर डिजिटल डेटा का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और मशीनों के उत्पादन से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों का भी मिलान किया गया। नवीन इंजीनियरिंग संस्थान सरगुजा संभाग के बड़े और प्रतिष्ठित हैवी मशीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांटों में शामिल है। यह संस्थान भारी मशीनों के निर्माण के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों को मशीनों और उपकरणों की आपूर्ति करता है। इसके अलावा कंपनी ‘ज्वायÓ ब्रांड की इलेक्ट्रिक बाइक का निर्माण भी करती है और कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के निर्माण, बिक्री में सक्रिय है।
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि संस्थान में निर्मित मशीनों की वास्तविक उत्पादन लागत को कागजों में कम दिखाया जा रहा है। आरोप है कि इसी तरीके से टैक्स देयता कम कर बड़े पैमाने पर कर चोरी की जा रही थी। इसी आशंका के आधार पर सीजीएसटी की टीम ने छापामार कार्रवाई की। सूत्रों का कहना है यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो टैक्स चोरी की राशि काफी बड़ी हो सकती है। छापेमारी के दौरान जांच टीम ने किसी भी बाहरी व्यक्ति को संस्थान परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। मीडिया द्वारा संपर्क करने पर जीएसटी के अधिकारियों ने इसे नियमित जांच प्रक्रिया बताया और कहा कि फिलहाल किसी भी तरह की अनियमितता या निष्कर्ष पर टिप्पणी जल्दबाजी होगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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