किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराने पर वैधानिक कार्रवाई शुरू

अंबिकापुर। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में सरगुजा पुलिस ने मकान मालिकों को किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किरायेदारों का वेरिफिकेशन नहीं कराने वाले मकान मालिकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में गांधीनगर में किरायेदारों का वेरिफिकेशन नहीं कराने वाले एक मकान मालिक के विरूद्ध एफआइआर दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया है।
बता दें कि, मकान मालिकों को सहूलियत देते हुये पुलिस ने समाधान ऐप से घर बैठे ऑनलाइन सत्यापन कराने कहा गया है। सरगुजा पुलिस द्वारा प्रतिदिन मुसाफिरों, किरायेदारों एवं संदिग्धों की पहचान हेतु सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है जिसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है, वे अपने आसपास अवैध रूप से रह रहे, छिपकर रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों, अवैध प्रवासी, मुसाफिरों के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर तुरंत सरगुजा पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 94791 93599 अथवा डॉयल 112, टोल फ्री नंबर 18002331905 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की जानकारी पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी।

गांधीनगर में दर्ज हुई एफआईआर
थाना गांधीनगर अंतर्गत मकान मालिक द्वारा किरायेदार की सूचना नहीं देने एवं वेरिफिकेशन नहीं कराये जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच में पाया कि, राहुल विश्वकर्मा 27 वर्ष, निवासी भ_ी रोड ने सरगंवा गैस गोदाम के पास स्थित अपने मकान में कुछ व्यक्तियों को किराये पर रखा था, लेकिन निर्धारित शर्तों के अनुसार थाना गांधीनगर में कोई सूचना अथवा किरायेदार सत्यापन प्रस्तुत नहीं किया। इस पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 455/26 धारा 223 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध करके आरोपित मकान स्वामी को गिरफ्तार किया गया।

जिला दंडाधिकारी के आदेश की अवज्ञा  
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यहां पुलिस ने पाया कि यहां 13 मई 2026 को देर रात 12.40 बजे, गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घंघरी में गेरवानी नाला के पास आर्म्स एक्ट और डकैती की गंभीर घटना कारित करने वालों का भी ठिकाना है। इस संबंध में थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 274/2026 धारा 126(2), 310(10) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट पंजीबद्ध है। मामले में मकान मालिक राहुल विश्वकर्मा द्वारा जिला दण्डाधिकारी, जिला सरगुजा के वैध आदेश की अवज्ञा करना पाया गया। पुलिस अग्रिम जांच, विवेचना करने में लगी है।

घर बैठे करें डिजिटल वेरिफिकेशन
छत्तीसगढ़ पुलिस की पहल समाधान ऐप और सीसीटीएनएस पोर्टल, सिटीजन डॉट सीजी पुलिस डॉट जीओवी डॉट इन के जरिए किरायेदार सत्यापन अब बेहद आसान हो गया है। इसके लिये   मकान मालिक को पते का प्रमाण वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और स्वामित्व के कागजात, किरायेदार का आईडी प्रमाण, पैन कार्ड, वोटर आईडी, स्थायी पता, पासपोर्ट फोटो, रोजगार विवरण और रेंट एग्रीमेंट प्रस्तुत करना होगा। इसकी स्टेप-बाय स्टेप प्रक्रिया के तहत समाधान ऐप डाउनलोड करना होगा या पोर्टल पर ओटीपी के जरिए अकाउंट बनाना होगा।   इसके बाद सिटीजन सर्विस में जाकर किरायेदार का सत्यापन चुनें।   मकान मालिक, किरायेदार और 2 स्थानीय गवाहों की जानकारी दर्ज करके दस्तावेज व फोटो अपलोड कर सबमिट करें और पावती सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन वेरिफिकेशन की सुविधा
ऑफलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए मकान मालिक अपने संबंधित थाना में जाकर किरायेदार सत्यापन फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म के साथ किरायेदार और मकान मालिक का पहचान प्रमाण पत्र, रेंट एग्रीमेंट और फोटो जमा करना होता है। यह प्रक्रिया बहुत आसान एवं तत्काल है।

बेनकाब हों पहचान छिपाकर रहने वाले, इसलिये वेरिफिकेशन जरूरी 

डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि कई अपराधी किसी अन्य शहर या राज्य में आपराधिक वारदात करके अपनी पहचान छिपाकर शहरों में किरायेदार बनकर रहते हैं। कई अपराधी मकान किराये पर लेकर शहर में वारदात करने के लिए रेकी करते हैं और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर भाग जाते हैं। जब पुलिस पूछताछ करती है तो मकान मालिक के पास किरायेदार का फोटो, मोबाइल नंबर व सही पता नहीं होता। इससे अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हो जाता है।
वेरिफिकेशन के दौरान पुलिस टीम द्वारा किरायेदार का डिजिटल क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक और भौतिक सत्यापन किया जाता है। इससे असामाजिक तत्वों को शहर में छिपने से रोका जा सकता है। बिना सूचना मकान किराए पर देना कानूनन अपराध है। किसी अवैध गतिविधि पर मकान मालिक को भी उतना ही जिम्मेदार माना जाएगा। आपातकालीन स्थिति या विवाद/अपराध की स्थिति में पुलिस को किरायेदारों का रिकॉर्ड मददगार साबित होता है।

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