अंबिकापुर। महिलाओं के नाम पर लोन निकलवाकर 1 लाख 66 हजार रुपये की हेराफेरी करने के मामले में बलरामपुर जिला के पुलिस चौकी गणेश मोड़ में एक ही परिवार के दो सदस्यों के विरूद्ध पुलिस ने केस दर्ज दिया है। आरोपियों ने दो महिलाओं के नाम पर लोन निकलवाकर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया।
जानकारी के मुताबिक राजकुमारी पति स्व. लमरू खैरवार निवासी राधाकृष्णनगर, चौकी गणेशमोड़ को गांव की ही लक्ष्मी विश्वास पति रंजन विश्वास 48 वर्ष व अजय पिता रंजन विश्वास 27 वर्ष ने माइक्रोफाइनेंस बेलस्टार सेटिन, कैशपार और इसाफ कंपनियों में समूह के सदस्य के रूप में जोड़ा था और उसके नाम पर लोन कार्ड बनवा लिया। अज्ञानता का फायदा उठाकर दोनों ने जनवरी 2024 में लोन कार्ड अपने पास रख लिया और बार-बार अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लोन दिलाने के नाम पर महिला का फोटो लेकर फार्म में हस्ताक्षर कराते रहे। इसके बाद राजकुमारी के नाम पर सेटिन कम्पनी से 35 हजार रुपये 18.01.2024 को, इसाफ बैंक से 17.02.2024 को 40 हजार रुपये, बेल स्टार से 11.03.2024 को 40 हजार रुपये, कुल 1 लाख 15 हजार रुपये लोन निकलवाकर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया गया। लोन की रकम में से राजकुमारी को मात्र 20 हजार रुपये दिया गया और शेष रकम 89 हजार रुपये को बैंक से निकलवाकर अपने पास ही आरोपी मां-बेटे ने रख लिया। इसकी जानकारी मिलने पर जब राजकुमारी ने लोन की पूरी राशि देने के लिए कहा तो इनके द्वारा किस्त पटाने की बात कहते हुए पूरा पैसा अधिक ब्याज और लाभ के साथ देने का झांसा दिया। इसके बाद लोन का किस्त आरोपियों ने नहीं पटाया और फाइनेंस कंपनियों के द्वारा लोन धारक पर ब्याज सहित पैसा मांगने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। आरोपी लक्ष्मी विश्वास और अजय विश्वास के द्वारा देशनी देवी नामक महिला के नाम पर भी बेलस्टार कंपनी से 40 हजार रुपये, सेटिन फायनेंस से 45 हजार रुपये लोन निकाला गया है। महिला से जनवरी 2024 में फोटो और फार्म भरवाकर हस्ताक्षर करवाया गया था। बैंक से पैसा नगद निकालने पर उसे 3000 रुपये देकर शेष 77 हजार रुपये लक्ष्मी विश्वास अपने पास रख ली थी। इनका कहना था कि लोन की रकम को बड़ी कंपनी में लगाएंगे, जिससे अधिक लाभ होगा। फाइनेंस कंपनी के द्वारा जब लोन की राशि पटाने के लिए दबाव बनाया गया, तो इन्होंने लक्ष्मी और अजय विश्वास से संपर्क किया और उनके नाम पर लोन निकालने को लेकर आपत्ति की। इसके बाद दोनों आरोपियों ने इन्हें स्वयं लोन पटा देने के लिए आश्वस्त किया। इन्होंने कहा कि फाइनेंस कंपनी वाले उन्हें परेशान नहीं करेंगे, इधर फाइनेंस कंपनी के द्वारा ब्याज सहित पैसा वापस करने दबाव बनाया जाने लगा। आरोपियों के द्वारा अब पीड़ित महिलाओं के नाम पर लोन की रकम प्राप्त नहीं करने की बात कहते हुए रुपये पहीं पटाने की बात कही जा रही है। फाइनेंस कंपनियों के द्वारा दिया गया लोन कार्ड भी आरोपियों ने अपने कब्जे में रखा है। लोन लेते समय रोजाना उनके घर का चक्कर काटने वाले अब फोन भी नहीं उठा रहे हैं। घर जाने पर लड़के को झूठे केस में फंसाने और जान से हाथ धोने की धमकी से परेशान महिला की रिपोर्ट पर पुलिस दोनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 420, 34 भादवि का अपराध दर्ज करके अग्रिम कार्रवाई कर रही है।

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