बतौली में हार्डवेयर दुकान से खरीदा सब्बल और पेचकस, आरोपी रिश्तेदार सहित दो गिरफ्तार

अंबिकापुर। सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सूने मकान में हुई नगदी सहित 15 लाख रुपये के जेवरातों की चोरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को 72 घंटे के अंदर कोरिया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 07 लाख 94 हजार 622 रुपये नगद, सोने व चांदी के जेवरात कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपये बरामद करने में पुलिस सफल हुई है। मुख्य आरोपी सीतापुर नगर पंचायत उपाध्यक्ष का रिश्तेदार है, जो छठ पूजा के दौरान उनके यहां आया था। इस दौरान उसने नगदी और जेवरात रखने वाले जगह को देखा था। बाद में रिश्तेदारी में विवाहोत्सव का मिले निमंत्रण के बीच वह सीतापुर आया और विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बजाए चोरी की घटना को अंजाम देकर निकल लिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने आसपास तलाशी के दौरान एक सब्बल और पेचकस मिला था। इसके बाद कंपनी विशेष के सब्बल के विक्रेता के तलाश में जुटी पुलिस बतौली में स्थित उस हार्डवेयर दुकान तक पहुंची, जहां से उक्त सब्बल को खरीदा गया था। सीसीटीव्ही में दो युवक सब्बल खरीदते नजर आए, लेकिन इन्होंने चेहरे को ढककर रखा था, जिससे इनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने आरोपी की पहचान उसके पहने हुए जूते से की थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मामले का पर्दाफास करते हुए बताया कि सीतापुर थाना क्षेत्र के शंकर वार्ड क्रमांक 3 में शिव मंदिर के सामने रहने वाले विनिप गुप्ता ने 18 नवम्बर को थाना सीतापुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 17 नवम्बर को वे शादी विवाह के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, इस दौरान रात 9 बजे से 11.30 बजे के बीच अज्ञात व्यक्तियों ने उसके मकान का ताला तोड़कर 13 लाख रुपये नगद एवं 02 लाख रुपये का सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिया। नगदी सहित चोरी गए जेवरातों की कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई गई थी। रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी सामने से ताला तोड़कर अंदर प्रवेश नहीं किए थे। पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आरोपियों के पतासाजी के लिए साइबर सेल, विशेष पुलिस टीम व थाना सीतापुर से पुलिस टीम का गठन करने कहा था। इसके बाद टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान मौके से घटना में प्रयुक्त लोहे का सब्बल एवं पेचकस बरामद किया गया। घटना को अंजाम देने के दौरान इनके आने-जाने एवं फरार होने के संभावित रास्ते पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करने के बाद पुलिस लोहे के सब्बल को आधार बनाकर अग्रिम जांच में जुटी। इस दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि घटना के पूर्व लोहे का सब्बल एवं पेचकस बतौली के एक हार्डवेयर दुकान से दो युवकों ने खरीदा था। पुलिस टीम उक्त दुकान तक पहुंची और संचालक से पूछताछ करने के बाद आरोपियों का चेहरा देखने के लिए आस-पास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन की।

नजदीकी रिश्तेदार तक पहुंची पुलिस
आरोपियों के संभावित रुट को जानने एवं संदेहियों के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करने के बाद पुलिस टीम द्वारा मामले में शामिल संदेहियों आयुष उर्फ रोशन उर्फ हिमांशु पिता दिनेश साहू 21 वर्ष व उमेश उर्फ नानदाऊ पिता कमलेश्वर साहू 20 वर्ष, दोनों निवासी छिंदडांड थाना बैकुंठपुर जिला कोरिया को घेराबंदी करके कब्जे में लिया। पूछताछ में पता चला कि जिस घर में चोरी की घटना हुई है, आयुष उस परिवार का नजदीकी रिश्तेदार हैं और इनके मकान में पहले से ही आना-जाना करते आ रहा है। कुछ दिन पूर्व छठ पर्व के मौके पर भी आरोपी रिश्ते में नाना लगने वाले गुप्ता परिवार के यहां आया था, जिससे उसे घर में रखे गए नगदी रकम एवं सोने-चांदी के जेवर रखने के जगह की जानकारी थी। घटना दिनांक 17 नवम्बर को परमेश्वर गुप्ता व उनके पुत्र सहित पूरा परिवार विवाह कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, इसकी जानकारी आरोपी आयुष को थी। रिश्तेदार होने के कारण शादी का निमंत्रण आयुष को भी मिला था, लेकिन वह शादी कार्यक्रम में शामिल ना होकर उमेश के साथ मिलकर अपने नजदीकी रिश्तेदार के मकान में चोरी के लिए छत के रास्ते पहुंचा था।

आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस
अतिािक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी की पहचान चेहरा ढंके होने के कारण सरीसीटीवी से नहीं हो पा रही थी। इसके बाद पुलिस ने वारदात स्थल में लगे सीसीटीवी सहित अन्य कैमरों में कैद हुए फुटेज का बारीकी से अवलोकन करने पर छठ पर्व के मौके पर गुप्ता परिवार के यहां पहुंचे रिश्तेदार आयुष उर्फ रोशन उर्फ हिमांशु पिता दिनेश साहू के जूते पर पुलिस की नजर पड़ी। पुलिस ने हार्डवेयर दुकान में सब्बल और पेंचकस खरीदने के लिए गए आरोपियों के फुटेज को बारीकी से देखा तो आयुष का जूता दोनों ही फुटेज में मैच कर रहा था। इसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची और बड़ी चोरी की वारदात का पर्दाफास करने में पुलिस सफल हुई।

स्कूल के छत से पहुंचे मकान तक
आरोपी आयुष और उमेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि सीतापुर आने के बाद अपने मोटरसायकल को सीतापुर कॉलेज के पास खड़ा कर दिए थे और स्कूल के छत से मकान में चढ़कर ऊपर का ताला सब्बल से तोड़कर अंदर घुस गए। मकान में घुसने के बाद कमरे का चाभी खोजा और आलमारी को खोलकर तिजोरी की चाभी आसानी से प्राप्त कर लिया। इसके बाद तिजोरी को खोलकर अंदर रखे नगद रुपये एवं 02 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरों की चोरी कर ली। आरोपी आयुष द्वारा चोरी किए गए नगद रकम में से 20 हजार रुपये अपने साथी उमेश उर्फ नानदाऊ को मोबाइल खरीदने के लिए दिया गया था, जिससे वह मोबाइल खरीदा था।

बरामद किए गए नगदी रकम और सामान
अतिरक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसायकल क्रमांक सीजी 16 सीएस 2294 के अलावा 07 लाख 94 हजार 622 रुपये नगद, 01 सोने का कंगन, 02 सोने का अंगूठी, 01 सोने का नाक का खूंटी, 01 चांदी का पायल, 02 नग पुराना पायल, 05 बिछिया, 01 कमरधनी, 13 नग सिक्का, 07 नग दुकान का चाभी, 01 काला बैग, 01 स्मार्टवाच, 01 हेडफोन, 02 जोड़ी पुराना चांदी का पायल, 01 मोबाइल फोन, 01 ब्लूटूथ, कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपये बरामद किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक रघु राम भगत, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी, उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, स्पेशल टीम प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक अनुज जायसवाल, वीरेंद्र पैकरा, मनीष सिंह, रमेश राजवाड़े, संजीव चैबे, अमित विश्वकर्मा, सत्येंद्र दुबे, आनंद गुप्ता, अलोक गुप्ता, सूरजबली, सुनिल पैकरा, सैनिक रमेश कुमार सक्रिय रहे।

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