बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारियों के भागने के बाद प्लेस ऑफ सेफ्टी से 3 बालक फरार

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय स्थित बाल संप्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी से आए दिन बालकों के भागने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था का धत्ता बताते हुए अपचारी बालक कभी दीवार फांदकर तो कभी झरोखे को तोड़कर फरार हो रहे हैं। इसी क्रम में अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगापुर में स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी सेंटर से शुक्रवार की सुबह सुरक्षा में सेंध लगाकर 3 बालक पुन: फरार हो गए, इनकी उम्र 16 वर्ष से अधिक है। फरार हुए तीनों बालक जघन्य अपराधों के मामलों में यहां रखे गए थे। पुलिस इनके तलाश में जुट गई है। कलेक्टर ने भी अधिकारियों के साथ प्लेस ऑफ सेफ्टी का निरीक्षण किया, और अधीक्षक को निलम्बित करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, रोजाना की तरह शुक्रवार की सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर योगा के लिए 49 अपचारी बालकों को बैरक से निकाला गया था, इस दौरान 3 बालक शौचालय गए और वहां लगे रोशनदान का ग्रिल तोड़कर फरार हो गए। फरार होने वालों में 2 कोरिया जिले के और एक बालक बलरामपुर जिले का बताया जा रहा है। प्लेस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी नीतू राम कुशवाहा ने बताया कि फरार हुए दोनों कोरिया के बालक आदतन अपराधी हैं। ये पहले भी महिला जज के यहां चोरी कर चुके हैं और ये चौथी बार यहां लाए गए थे। वहीं बलरामपुर का बालक सातवीं बार यहां दाखिल हुआ था। सुरक्षा व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि नए भवन के कारण दिक्कत आ रही है। पिछले 3 साल से नया भवन नहीं बन पाया है, जिससे सुरक्षा में परेशानी जैसी स्थिति बन रही है।

बता दें कि, सप्ताह भर पूर्व ही बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बच्चों के फरार होने का मामला सामने आया था, इसके पहले यहीं से करीब एक माह पूर्व 11 अपचारी फरार हुए थे। इसके बाद प्लेस ऑफ सेफ्टी प्रबंधन को चुनौती देते हुए एक बार फिर तीन 16 से 18 वर्ष के बीच के बालकों के भागने का मामला सामने आया है। इनमें एक बलरामपुर जिले का बालक आदतन बदमाश है। उसे प्लेस ऑफ सैफ्टी सेंटर में सातवीं बार चोरी, मारपीट समेत अन्य अपराध में लाया गया है। प्लेस ऑफ सेफ्टी सेंटर में 16 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम उम्र के जघन्य अपराधों में शामिल अपचारी बालकों को रखा जाता है। इस सेंटर में पहले भी 2 बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

कलेक्टर एवं एसएसपी औचक पहुंचे मौके पर

कलेक्टर अजीत वसंत एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को शासकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी संस्था बालक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को भवन की खिड़कियों का आकार सुरक्षा की दृष्टि से छोटा करने, चारदीवारी के ऊपरी हिस्से में लगी ग्रिल को और अधिक मजबूत बनाने तथा भवन का बारीकी से अवलोकन कर सभी आवश्यक सुरक्षा संबंधी कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

अन्य जिले में स्थानांतरित करने के निर्देश

कलेक्टर अजीत वसंत ने निरीक्षण के दौरान निवासरत बालकों की मानसिक स्थिति का आंकलन कर आवश्यकतानुसार मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग उपलब्ध कराने, साथ ही जो बच्चे आदतन बार-बार सम्प्रेक्षण गृह और प्लेस ऑफ सेफ्टी से भाग रहे हैं उन्हें अन्य जिलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर संस्था के अधीक्षक को निलंबित करने के भी निर्देश दिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा ऑडिट कराएं

एसएसपी राजेश अग्रवाल ने संस्था में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का ऑडिट कराने तथा प्लेस ऑफ सेफ्टी बालक एवं बाल संप्रेक्षण गृह बालक दोनों संस्थाओं का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए। इसके पश्चात दोनों अधिकारियों ने बाल संप्रेक्षण गृह बालक का भी निरीक्षण किया। भवन का अवलोकन करने के बाद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को तत्काल मरम्मत एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

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