कृष्णा आटो राइडर्स प्राइवेट लिमिटेड के विरूद्ध जिला उपभोक्ता आयोग का फैसला

अंबिकापुर। शहर के शोरूम से कार का वास्तविक पंजीयन एवं बीमा प्रमाण पत्र प्रदान नहीं करने को सेवा में कमी बताते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अंबिकापुर ने परिवादी को 60 दिनों के अंदर पंजीयन के दस्तावेज देने के आदेश दिए हैं। नीयत समयावधि में दस्तावेज नहीं देने पर वाहन की ली गई कीमत आठ लाख 97 हजार रुपये सहित अन्य व्यय परिवादी को वापस करना होगा। मामले में कृष्णा आटो राइडर्स प्राइवेट लिमिटेड मनेंद्रगढ़ रोड, कृष्णा आटो राईडर्स प्रा.लि. द्वारा अंकित गोयन्का, सीतामढ़ी रोड कोरबा व दीपेश कुमार सिन्हा पिता सुनील कुमार सिन्हा 36 वर्ष निवासी जयनगर के विरूद्ध 20 जून 2023 को प्रकरण संस्थित किया गया था। सात नवंबर को अंतिम तर्क सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष राकेश पांडेय, सदस्य नवनी कान्त दत्ता व अर्चना सिन्हा ने 21 नवंबर को आदेश नरेन्द्र गहरवारिया पिता बुद्धि नारायण गहरवारिया निवासी ग्राम परसडीहा जिला बलरामपुर की तरफ से अधिवक्ता केपी प्रजापति द्वारा पेश किए गए परिवाद के परिपेक्ष्य में सुनाया है।

परिवादी नरेन्द्र गहरवारिया ने अनावेदकों के विरुद्ध क्रय नई आई-20 कार का वास्तविक पंजीयन एवं बीमा प्रमाण पत्र प्रदान नहीं करने को सेवा में कमी बताते हुए परिवाद उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में प्रस्तुत किया था। 31.10.2021 को हुण्डई कंपनी की आई 20 कार पसंद करके आठ लाख 97 हजार रुपये अग्रिम भुगतान करके कार खरीदा था। इस राशि में संस्था के मैनेजर द्वारा परिवादी से पृथक से लिए गए दो हजार रुपये भी शामिल हैं जो वाहन का पंजीयन नंबर बलरामपुर जिले का प्रदान कराने का आश्वासन देकर लिए गए थे। कुछ दिनों पश्चात परिवादी वाहन का पंजीयन एवं बीमा के कागजात के लिए संस्थान में आया तो उसे एक नंबर प्लेट दिया गया, जिसमें नंबर लिखा था। इस नंबप प्लेट को लगाकर वह कार चलाते रहा। इसी बीच नरेंद्र ने जब दिए गए नंबर की ऑनलाइन जांच किया तो वह कार की जगह मोटरसाइकिल का निकला। इसके बाद वह शोरूम में संपर्क किया लेकिन किसी प्रकार की सार्थक पहल नहीं की गई बल्कि उसे अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजकर कार क्रय करने का मूल्य व नोटिस में व्यय दो हजार रुपये की मांग की गई, जबकि परिवादी के द्वारा कार का मूल्य चुकता कर दिया गया था। इसके बाद भी न्यायालय में वाद दायर करने व धोखाधड़ी का केस दायर करने की धमकी दी गई थी, यहां से विवाद की स्थिति बनी और नरेन्द्र गहरवारिया ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता आयोग की शरण ली। अंतिम तर्क के समय परिवादी की ओर से अधिवक्ता केपी प्रजापति, उभय पक्षों से अधिवक्ता मनोज तिवारी व राजेश गुप्ता उपस्थित रहे।

उपभोक्ता आयोग का अंतिम फैसला
आयोग के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने दिए गए अंतिम फैसले में कार क्रेता को राहत देते हुए आई-20 कार का वास्तविक पंजीयन एवं बीमा प्रमाणपत्र 60 दिन में जिला उपभोक्ता आयोग अंबिकापुर में जमा कराने कहा है। नीयत समय में पंजीयन कराकर वाहन के दस्तावेज देने में असफल होने पर कृष्णा आटो राइडर्स प्राइवेट लिमिटेड मनेंद्रगढ़ रोड, कृष्णा आटो राईडर्स प्रा.लि. द्वारा अंकित गोयन्का, सीतामढ़ी रोड कोरबा को पारित एवार्ड की संपूर्ण राशि, वाहन की ली गई कीमत आठ लाख 97 हजार रुपये, मानसिक संताप एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति स्वरूप दस हजार रुपये व वाद व्यय के मद में पांच हजार रुपये देना होगा।

विवाद मालिक और नौकर के बीच का
जिला उपभोक्ता आयोग ने कृष्णा आटो राइडर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पेश की गई दलील के परिप्रेक्ष्य में दिए गए आदेश में उल्लेख किया है कि परिवादी के द्वारा संस्थान में जाकर वाहन क्रय किया गया है। अगर संस्था के कर्मचारी के द्वारा अपने मालिक को उक्त रकम अदा नहीं की गई है और गबन किया गया है तो यह विवाद मालिक और नौकर के बीच का है। वाहन के सम्यक क्रेता की स्थिति स्थिर एवं उचित रूप से उचित संव्यवहार किया जाना, उचित राशि अदा किया जाना माना जाएगा। आदेश में परिवादी को उचित मानते हुए उक्त आदेश जारी किया गया।

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