आईजी ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दोषमुक्ति के 709 प्रकरणों पर किया गहन विमर्श

अंबिकापुर। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा ने हरितिमा फॉरेस्ट रेस्ट हाउस राजपुर में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक में सरगुजा संभाग के सभी जिले के पुलिस अधिकारी एवं न्यायालयों में कार्यरत लोक अभियोजन अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा बैठक में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में दोषमुक्ति के कुल 709 प्रकरणों पर गहन चर्चा की गई।
यातायात व्यवस्था की जिलेवार समीक्षा के दौरान सामने आया कि वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं के कुल 2016 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें मृतकों की संख्या 1256 थी, इसकी तुलना में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं के कुल 1993 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें मृतकों की संख्या कुल 1197 है। पिछले वर्ष की तुलना में रेंज में सड़क दुर्घटनाओं एवं सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में कमी आई है, फिर भी सभी आम लोगों को यातायात नियमों का अक्षरश: पालन करने एवं दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहने एवं चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करने हेतु लोगों को जागरूक करने निर्देशित किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने रेंज स्तरीय सेशन कोर्ट के 128 एवं लोवर कोर्ट के 581, कुल 709 दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा दौरान विशेष रूप से उन प्रकरणों पर चर्चा कर गंभीरता से कार्रवाई करने कहा, जिसमें न्यायालय में अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसके अलावा लंबित दोषमुक्ति प्रकरणों के विवेचना में विवेचकों के त्रुटि को सुधार हेतु पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा यदि नवीन कानून के तहत किसी प्रकरण के विवेचना में कोई परेशानी हो रही है तो अपने जिले के अभियोजन अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उन प्रकरणों का निकाल करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त कई प्रकरणों में ट्रायल के दौरान शिकायत झूठी पाई जाती है, जिसमें निर्दोष व्यक्तियों को झूठा फंसाने की कोशिश की जाती है, ऐसे में संबंधितों के विरुद्ध अभियोजन अधिकारियों द्वारा प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने कहा गया ताकि ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रुके। पुलिस महानिरीक्षक ने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरण की प्रकरणवार समीक्षा कर संबंधित पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि अपने इकाई में राजपत्रित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए तथा स्वयं के पर्यवेक्षण में लंबित प्रकरणों का यथाशीघ्र निकाल करें। नवीन कानून के तहत पंजीबद्ध प्रकरणों का पर्यवेक्षण कर कोर्ट, चिकित्सा जैसे अन्य प्रमुख विभागों से समन्वय स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए पेंडिंग प्रकरणों का निकाल करने कहा गया। रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरिया पंकज पटेल एवं डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, एसडीओपी पत्थलगांव जिला जशपुर सहित रेंज के लोक अभियोजन अधिकारी, रक्षित निरीक्षक बलरामपुर विमलेश कुमार देवांगन एवं आईजी कार्यालय के स्टेनो, रीडर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इनके विरूद्ध करें एंड टू एंड कार्रवाई
एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में जिलों के राजपत्रित अधिकारियों को लीड करते हुए स्वयं सर्च कार्रवाई कराने तथा एनडीपीएस की धाराओं का प्रयोग करते हुए संपत्ति कुर्की, जप्ती की कार्रवाई करने, फाइनेंशियल एवं एंड तो एंड इन्वेस्टिगेशन कर अंतर राज्य गैंग तथा कोरियर कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बाहरी राज्यों से आ रही प्रतिबंधित दवाओं के सप्लाई चैन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने व अपराधियों के विरुद्ध एनडीपीएस की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार गौ तस्करी करने वालों के खिलाफ इन एंड टू एंड तक कार्रवाई करके जप्त वाहनों को राजसात करने इकाई प्रमुखों को निर्देशित किया। उन्होंने जिलों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने आदतन अपराधी, गुंडा बदमाशों का रिकॉर्ड तैयार कर पैनी नजर बनाए रखने कहा। जिलों में आ-सूचना संकलन को और मजबूत करने संदेहियों पर सख्त कार्यवाही, देर रात तक थाना क्षेत्र में चलने वाले होटल, ढाबा, दुकानों को समय पर बंद कराने तथा अड्डाबाजी वाले स्थान पर गस्त पेट्रोलिंग कराते हुए निगरानी बनाए रखने कहा।
105 साइबर अपराधों की समीक्षा
पुलिस महानिरीक्षक ने सरगुजा के 58, सूरजपुर के 9, जशपुर के 9 बलरामपुर के 4, कोरिया के 8, एमसीबी के 17, कुल 105 साइबर अपराधों की समीक्षा कर लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने कहा है। इसी प्रकार म्यूल एकाउंट, पीओएस एवं ऑनलाइन शिकायतों का निराकरण के संबंध में जिलावार विस्तृत समीक्षा कर म्यूल एकाउंट धारकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हंै। उन्होंने एक माह से अधिक समय से लंबित प्राथमिक जांच एवं 6 माह से अधिक समय से लंबित विभागीय जांच की जिलेवार समीक्षा करके लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने सभी पुलिस अधीक्षक को नियमित किया गया है।

Categorized in: