शिक्षकों ने प्रक्रिया को निरस्त करने निकाली पोल खोल रैली, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में हुई व्यापक गड़बड़ी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। सही तरीके से परीक्षण किए बिना ही अतिशेष शिक्षकों की सूची जारी कर दी गई और जिला एवं संभाग स्तर पर काउंसलिंग कर शिक्षकों का पदस्थापना आदेश जारी कर दिया गया। इससे रूष्ट शिक्षकों के साझा मंच ने संभाग स्तरीय पोल खोल रैली निकाली और विरोध जताया। मंच के प्रांतीय सहसंचालक हरेंद्र सिंह, सुनील सिंह, जिला संचालक कमलेश सिंह, संदीप पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, सर्वजीत पाठक के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम सरगुजा संभाग आयुक्त व संयुक्त संचालक सरगुजा शिक्षा संभाग को साक्ष्य के प्रमाण के साथ ज्ञापन सौंपा।
मंच के प्रांतीय सहसंचालकों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि पूरे सरगुजा संभाग व जिले में जिला शिक्षा अधिकारी एवं संभाग स्तर पर जेडी के देखरेख में शिक्षा विभाग ने स्कूलों एवं शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया संपादित की है। पूरी प्रक्रिया आननफानन में होने के कारण विसंगतिपूर्ण है। अधिकारियों ने मिलीभगत करके संभाग के शिक्षा की गुणवत्ता खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कई महिला व्याख्याता जो जिला और संभाग की सूची से परे थे, इनकी अचानक काउंसलिंग कराई गई जो पूर्णत: नियम विरुद्ध है। अधिकारियों ने ऐसे शिक्षकों की पोस्टिंग कर दी है, जिस नाम से संबंधित स्कूलों में शिक्षक ही नहीं हैं, जहां रिक्त पद नहीं है वहां भी अतिशेष शिक्षक को भेज दिया गया है। संभागीय काउंसलिंग में इस तरह की कई गड़बड़ियां सामने आई हंै। शिक्षकों के साझा मंच ने पूरी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग कमिश्नर से की है। अतिशेष शिक्षकों की सूची में बार-बार बदलाव करने के साथ ही रिक्त पदों को छिपाकर रखने एवं बाद में प्रभावशाली शिक्षकों को पदस्थ करने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है अधिकारियों ने शासन के निर्देशों की अवहेलना करके कई रिक्त पदों की सूची को दबा दिया और नई-नई सूची जारी करके अतिशेष शिक्षकों को भ्रमित करते रहे। जिला स्तर के काउंसलिंग में भी अधिकारियों ने जमकर मनमानी की, वहीं संभाग में इस तरह की काउंसलिंग में शिक्षकों को बिना रिक्त पद स्थापना आदेश जारी करके तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का दबाव बनाया। जब ये ज्वाइनिंग करने पहुंच रहे हैं तो प्राचार्य रिक्त पद नहीं होने का हवाला देकर इन्हें बैरंग वापस कर रहे हैं, ऐसे में शिक्षक डीईओ एवं जेडी कार्यालय का चक्कर लगाने मजबूर हैं। कुछ विद्यालय ऐसे हैं जहां रिक्त पद तो हंै परंतु वहां शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई। साझा मंच ने कमिश्नर से आग्रह किया है कि ऐसी सभी विसंगति पूर्ण कार्रवाई को तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरे युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को निरस्त किया जाए एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। इन्होंने शासन द्वारा लागू 2008 के सेटअप के आधार पर युक्तियुक्तकरण करने की मांग की है। ज्ञापन के प्रमुख बिंदुओं में विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण को निरस्त करना, क्रमोनन्त वेतनमान का जनरल ऑर्डर जारी करना, व्याख्याता पदोन्नति में डीएड प्रशिक्षित को मान्य करना, प्रथम सेवा अवधि की गणना कर पूर्ण पेंशन प्रदान करना शामिल है। रैली में प्रांतीय सह संचालक हृषिकेश उपाध्याय व अशोक कुर्रे, जिला महिला प्रकोष्ठ प्रमुख कंचनलता श्रीवास्तव, सुशील मिश्रा, जवाहर खलखो, अमित सोनी, लखन राजवाड़े, रणबीर सिंह चौहान, यादवेंद्र दुबे, राकेश पांडेय, रमेश याज्ञीक, योएल लकड़ा, अमित सिंह, काजेश घोष, रामबिहारी गुप्ता, सुरित राजवाड़े, अनिल तिग्गा, अरविंद सिंह, विशाल गुप्ता, प्रशांत चतुर्वेदी, विनोद यादव, संतोष सिंह, दयाराम भगत, महेश यादव, सत्यप्रकाश गुप्ता, हीरामणि चौहान, प्रतिमा नामदेव, गंगारानी वर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
मृतकों की आत्मा शांति के लिए रखा 2 मिनट मौन
अहमदाबाद में हुई दु:खद विमान दुर्घटना के कारण संवेदनशीलता दिखाते हुए शिक्षकों के साझा मंच ने अपने पूर्व के कार्यक्रम में फेरबदल करते हुए, मंचीय कार्यक्रम को रद्द कर दिया और शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकाली। ज्ञापन सौंपने के बाद संभागायुक्त कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर की उपस्थिति में 2 मिनट का मौन रखकर हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई।

Categorized in: