राजीव गांधी शासकीय पीजी कॉलेज में पीएचडी कोर्सवर्क का शुभारंभ
अंबिकापुर। राजीव गांधी शासकीय पीजी कॉलेज, अंबिकापुर में पीएचडी कोर्सवर्क का शुभारंभ संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा के कुलपति माननीय प्रोफेसर पी.पी. सिंह ने किया। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में एक विशेष उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए शोध और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 78 शोध छात्रों की सहभागिता रही, जिन्होंने राजीव गांधी पीजी कॉलेज में कोर्स वर्क के लिए अपना पंजीयन कराया है।
अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर पी.पी. सिंह ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल छात्रों को शैक्षिक ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें सोचने की क्षमता और दिशा देने की भी है। उन्होंने शोध कार्य को समाज में बदलाव लाने का एक प्रभावशाली माध्यम बताया और विद्यार्थियों से अपील की, कि वे अपने शोध कार्यों में समाज की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करें तथा पूरी ईमानदारी से कार्य करें क्योंकि शोध का उद्देश्य ही सत्य की खोज है। शोध केंद्र के निदेशक डॉ. रिजवान उल्ला ने पीएचडी कोर्स वर्क के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम शोधकर्ताओं को एक ठोस आधार प्रदान करेगा, ताकि वे अपने शोध कार्य को और अधिक व्यवस्थित और गुणवत्ता से कर सकें। उन्होंने बताया कि शोध कार्य में नवीनता और व्यावहारिकता पर ध्यान देना आवश्यक है। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय लखनपुर ने भी संबोधित किया। उन्होंने शोध की प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बताया और शोधकर्ताओं को कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि इस नए कोर्सवर्क के जरिए शोधार्थी न केवल अपनी शोध पद्धतियों में निपुणता प्राप्त करेंगे, बल्कि उन्हें अपने शोध के परिणामों को समाज के हित में उपयोग करने का भी अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने अपने विचार साझा किए और इस नए कोर्सवर्क से प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में उत्साह व्यक्त किया। कुलपति प्रोफेसर पी.पी. सिंह ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को नई दिशा देगा और इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। कोर्स वर्क समन्वयक डॉ. अनिल सिन्हा ने कोर्स वर्क की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम की चर्चा की। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पीएचडी कोर्सवर्क विश्वविद्यालय को शोध के क्षेत्र में एक नया मुकाम दिलाएगा। अंत में कोर्स सह समन्वयक डॉ. राजकमल मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने और शोधकर्ताओं को एक नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस कदम से न केवल शोधकर्ताओं को नई दिशा मिलेगी, बल्कि विश्वविद्यालय को भी शोध के क्षेत्र में अपनी पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

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