अंबिकापुर विधानसभा प्रत्याशी के साथ पहुंची भीड़ के हाथों में लुंड्रा प्रत्याशी प्रबोध मिंज का कटआऊट पैदा किया भ्रम

गिरिजा ठाकुर

अंबिकापुर। सोमवार को शहर में भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने को लेकर शक्ति प्रदर्शन का नजारा देखने को मिला। दो भागों में विभक्त होकर आए भाजपा के कार्यकर्ताओं का जोश इस दौरान देखते ही बन रहा था। सबसे पहले सीतापुर और लुंड्रा विधानसभा के प्रत्याशी लाव-लश्कर के साथ पहुंचे। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में जनसमूह के साथ अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी राजेश अग्रवाल का पहुंचना हुआ। इस भीड़ में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कटआऊट के अलावा लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी प्रबोध मिंज का कटआऊट देखने को मिला। एक भी कटआऊट अंबिकापुर विस क्षेत्र के प्रत्याशी का नहीं होने के कारण संदेह की स्थिति बन रही थी। चर्चा इस बात की हो रही थी कि भीड़ में शामिल लोग लुंड्रा विधानसभा क्षेत्र के हैं या अंबिकापुर विधानसभा के। भीड़ का हिस्सा ऐसे लोग भी बने जो इसके पहले लगभग दोनों ही पार्टियों की रैली, सभा का हिस्सा बनने में पीछे नहीं रहते हैं। इन सबके बीच भाजपा की रैली और सभास्थल की भीड़ को देखते हुए एकबारगी पुन: लोग वर्ष 2008 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव को याद कर रहे हैं। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी टीएस सिंहदेव को संघषपूर्ण मुकाबले के बीच 980 मतों से जीत मिली थी।

चर्चा इस बात की भी जोर पकड़ रही है कि क्या उपमुख्यमंत्री सिंहदेव वर्ष 2013 व 2018 के चुनाव में 40 हजार के आंकड़े को छूते बढ़त को बरकरार रख पाएंगे। भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता इस चुनाव को संघषपूर्ण और कांटों से भरा मानकर चल रहे हंै। वहीं कांग्रेस आशान्वित है कि सिर्फ अंबिकापुर विधानसभा नहीं बल्कि सीतापुर, लुंड्रा के अलावा संभाग की 14 सीटें कांग्रेस की झोली में आएगी। इसे साकार करने कुछ विधानसभा सीटों में प्रत्याशी भी बदले गए हैं। कांग्रेस को विश्वास अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में है, वहीं भाजपा इन्हें भ्रष्टाचारी व वादाखिलाफी करने वाली सरकार की संज्ञा देकर हासिए में लाने में पीछे नहीं है।

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