मंत्री राजेश अग्रवाल और पूर्व मंत्री अमरजीत में तीखी बहस
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गौठान व्यवस्था से लेकर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) तक सियासत गरमा गई है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के आरोपों पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने पलटवार किया है, जिससे सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि गौठानों की दुर्दशा के कारण मवेशी सड़कों पर आ गए हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने सरगुजा का उदाहरण देते हुए कहा कि एक पंचायत के लोग मवेशियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए, क्योंकि सुनने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस सरकार की गोबर खरीदी योजना बंद करने से ग्रामीणों को नुकसान हुआ है।
इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने गौठान तो बनाए लेकिन संचालन, रखरखाव और चारे के लिए वित्तीय प्रावधान नहीं किया। वर्तमान सरकार गौठानों को व्यवस्थित कर सुविधाएं बढ़ाने पर काम कर रही है।
यूसीसी पर टकराव
यूसीसी को लेकर भगत ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इससे जनता को क्या लाभ मिलेगा। भाजपा चुनावी राज्यों में यूसीसी और एसआईआर जैसे मुद्दे उछालती है और बाद में भूल जाती है, यह अल्पसंख्यकों को परेशान करने वाला है। मंत्री अग्रवाल ने जवाब में कहा कि कांग्रेस हर सकारात्मक पहल का विरोध करती है। पीएम मोदी की योजनाओं का लाभ जनता को मिला है। प्रदेश में यूसीसी लागू होगा और इससे लोगों को फायदा होगा।
सड़कों की मरम्मत का दावा
खराब सड़कों पर मंत्री ने कहा कि ज्यादा खराब सड़कों के टेंडर पूरे हो चुके हैं। पिछले साल डामर के दाम बढ़ने से ठेकेदारों ने काम रोक दिया था। बारिश थमते ही मरम्मत शुरू होगी। अगले 4 से 6 महीने में काम शुरू करने का लक्ष्य है, अंबिकापुर-रायगढ़ रोड सहित कई बड़े टेंडर हो चुके हैं।
नक्सलवाद पर बयानबाजी
भूपेश बघेल के बयान पर मंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में नक्सल क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा मजबूत हुई। वर्तमान सरकार के गृह विभाग और सुरक्षा बलों ने अभियान तेज किया है और प्रदेश नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ रहा है।
फर्जी टोल फ्री नंबर से ठगी पर अलर्ट
पर्यटन विभाग के नाम पर फर्जी टोल फ्री नंबर से ठगी पर मंत्री ने कहा कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई की गई है। विभाग ने आधिकारिक टोल फ्री नंबर जारी किया है। साइबर सेल को जानकारी दी गई है और ठगों पर कार्रवाई होगी। पर्यटकों से अधिकृत नंबरों का ही उपयोग करने की अपील की गई है।
