नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कुतुल लोकल ऑपरेटिंग स्क्वाड (LOS) के छह सक्रिय माओवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। यह कार्रवाई माओवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

घने जंगल में चलाया ऑपरेशन
नारायणपुर पुलिस ने माड़ डिवीजन के घने जंगलों में यह ऑपरेशन किया। यह बस्तर क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद से लड़ रहे सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता है। मंगलवार को हुई इस गिरफ्तारी में चार पुरुष और दो महिला कैडर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी इलाके में माओवादियों से जुड़ी कई घटनाओं में शामिल थे।

दो महिला नक्सली भी शामिल
गिरफ्तार की गई दो महिलाओं की पहचान पारो हपका और सुनीता के रूप में हुई है। सुनीता को संगीता मंडावी के नाम से भी जाना जाता है। दोनों को कुतुल LOS में अहम माना जाता था। सुरक्षा बलों और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर हाल के हमलों में उनकी भूमिका संदिग्ध थी, इसलिए वे निगरानी में थीं।

पुरुषों की पहचान की जा रही
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार पुरुष माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने इनके पास से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारो हपका के पास से एक 12-बोर बैरल ग्रेनेड लांचर और दो छोटे BGL बम मिले हैं। वहीं, सुनीता के पास से एक टिफिन बम, एक डेटोनेटर और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं।

पुलिस ने विफल कर दिया प्लान
माना जा रहा है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने में किया जाता था। इन सामग्रियों की बरामदगी से पुलिस को चिंता है कि माओवादी हमले की योजना बना रहे थे। लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर इसे विफल कर दिया।

हाल के महीनों में कई मुठभेड़ों और आत्मसमर्पण की घटनाओं के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है। नारायणपुर जिला बस्तर डिवीजन का हिस्सा है। यहां राज्य सरकार के ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है. इस अभियान का मकसद नक्सली गढ़ों को ध्वस्त करना और आदिवासी इलाकों में शांति बहाल करना है।

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