नेत्र रोग विभाग के वार्ड से लेकर ओटी तक सीपेज और टपक रहा पानी

सीजीएमएससी के धीमे चाल से 2023 में भी लंबे समय तक ऑपरेशन रहा बाधित
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में संचालित नेत्र रोग विभाग का भवन काफी जर्जर हो चुका है। इसी भवन की छत पर सीजीएमएससी के द्वारा अतिरिक्त वार्ड का निर्माण कराया जा रहा है। छत पर रखे सामानों और आधे-अधूरे कार्य के कारण जलजमाव की स्थिति बन रही है। अस्पताल के वार्ड, चिकित्सक और जांच कक्ष, ऑपरेशन थिएटर तक की छत और दीवारें सीपेज से तरबतर हैं। इस कारण विभाग के सारे काम बाधित हो रहे हैं। कंप्यूटर, कागजातों को सुरक्षित रखने मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में यहां पिछले एक महीने से मोतियाबिन्द सहित अन्य ऑपरेशन भी नहीं हो रहे हैं। मरीजों को ऑपरेशन के लिए भर्ती नहीं किया जा रहा है, जबकि रोजाना यहां बड़ी संख्या में मरीज ऑपरेशन के लिए पहुंचते हैं। ऑपरेशन के लिए मरीजों को बाद में आने या उदयपुर आकर ऑपरेशन कराने के लिए कहना चिकित्सकों की मजबूरी है। 2023 में नेत्र रोग विभाग में सीजीएमएससी के द्वारा शुरू किए गए कार्य से ऑपरेशन नहीं हो पाने जैसी समस्या बन रही है। इस दौरान भी लंबे समय तक नेत्र व्याधि से ग्रसित मरीजों का ऑपरेशन उड़ते धूल के कारण बंद कर दिया गया था। वर्तमान में भी धीमी गति से निर्माण कार्य चलने के कारण छत में पानी भरा है और सीपेज के साथ ही छत से पानी टपकने की स्थिति बन रही है। यही स्थिति बनी रही तो सरगुजा मोतियाबिन्द ऑपरेशन के मामले में टारगेट से पीछे रह सकता है। इसे यहां के जिम्मेदार चिकित्सक भी स्वीकार कर रहे हैं।
टारगेट 4500, आठ माह में हुए 1400 ऑपेरशन
नेत्र रोग विभाग में ऑपरेशन कक्ष व वार्ड को बंद कर देने के बाद यहां केवल ओपीडी में मरीजों की जांच की जा रही है। नोडल अधिकारी डॉ. रजत टोप्पो ने बताया कि इस वर्ष शासन की ओर से सरगुजा में 4500 मरीजों के मोतियाबिन्द ऑपरेशन का टारगेट दिया गया है। अव्यवस्थाओं के कारण जनवरी से अगस्त के बीच मात्र 1400 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पाया है। इसके पीछे बड़ा कारण पुराने व जर्जर नेत्र रोग विभाग के भवन की छत पर सीजीएमएससी द्वारा अतिरिक्त वार्ड का निर्माण पिछले वर्ष से कराना है।
बयान
नेत्र रोग विभाग के छत में पानी जमा रहने से दीवारों में सीपेज के साथ ही ऑपरेशन कक्ष व वार्ड में पानी टपक रहा है। ऐसे में ऑपरेशन एक माह से बंद है। उदयपुर में पीडि़तों का ऑपरेशन किया जा रहा है। सीजीएमएससी द्वारा विभाग के भवन में ऊपरी माले पर किए जा रहे अतिरिक्त निर्माण कार्य के कारण ऐसी स्थिति बनी है।
डॉ. रजत टोप्पो, नोडल नेत्र रोग विभाग
नेत्र रोग विभाग के काम में तेजी लाई गई है। ढलाई का काम पूरा होने के बाद सीपेज की समस्या नहीं रहेगी।
उमेश पटेल, ईई सीजीएमएससी

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