किराए के वाहन में शव लेकर पहुंचे अंबिकापुर, मृतक के स्वजन के साथ सड़क पर बैठे कांग्रेस जिला अध्यक्ष
अंबिकापुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल से रिफर विशेष पिछड़ी जनजाति, पहाड़ी कोरवा परिवार के मरीज की रायपुर ले जाते समय मौत हो गई। डीकेएस अस्पताल रायपुर के चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित किया। स्वजन मृतक के शव को निजी एम्बुलेंस से बिना पोस्टमार्टम कराए वापस अंबिकापुर ले आए, इनके पास वाहन का किराया देने के लिए रुपये नहीं था। इसकी जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे, और शव को पुलिस सहायता केन्द्र के सामने रखकर लचर स्वास्थ्य सुविधा को लेकर आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री और अस्पताल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगे। करीब 3 घंटे शव को जमीन में रखकर कांग्रेसजन, मृतक के स्वजन के साथ सड़क पर बैठ गए। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीएम और अस्पताल अधीक्षक पहुंचे। इनसे हुई बातचीत के बाद मृतक के शव का पोस्टमार्टम हो पाया।
बता दें कि बलरामपुर जिला के बरियो मदनेश्वरपुर का गुड्डू पहाड़ी कोरवा पिता छेरतू 32 वर्ष, 5 अक्टूबर, रविवार को अपने साथी के साथ मोटरसायकल में ग्राम सिधमा गया था। यहां से घटगांव जाने के लिए निकला था। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका का आगमन को देखते हुए सड़क की जर्जर स्थिति को छिपाने इस मार्ग के गड्ढों में क्रशर का डस्ट, छर्री बेतरतीब तरीके से डाला गया था, जिससे वह अनियंत्रित होकर गिर गया। घटना में गुड्डू को सिर में गंभीर चोटें आई थी, साथी भी घायल हो गया था। इन्हें बरियों स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, यहां से रिफर करने पर स्वजन मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे। आपातकालीन चिकित्सा परिसर में आवश्यक जांच, उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे अपरान्ह करीब 3 बजे हायर सेंटर रायपुर के लिए रिफर कर दिया था। इसके बाद आहत के स्वजन एम्बुलेंस के लिए चक्कर काटते रह गए, पूरी रात इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं मिला। घायल युवक की स्थिति गंभीर थी, जिस कारण उसे वेंटीलेटर युक्त एम्बुलेंस की जरूरत थी, अस्पताल में उपलब्ध इस एम्बुलेंस को राज्यपाल के सरगुजा आगमन दौरान प्रोटोकॉल के अनुरूप रिजर्व करके रखा गया था, जो उनके काफिले के साथ चल रही थी।
घायल गुड्डू पहाड़ी कोरवा के भाई बजरू कोरवा सहित अन्य का कहना है कि उन्हें न तो अस्पताल से ही एम्बुलेंस मिला और न ही संजीवनी 108 मिल पाया। इसके लिए वे सरगुजा सांसद से लेकर मंत्री तक गुहार लगाए, लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं था। अस्पताल से एम्बुलेंस की मांग करने पर उन्हें गुमराह किया गया, और करीब 25 घंटे बाद, 6 अक्टूबर सोमवार को शाम 4 बजे एम्बुलेंस मिलने पर वे घायल गुड्डू को लेकर डीकेएस अस्पताल रायपुर पहुंचे, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। रायपुर तक उन्हें लेकर आए एम्बुलेंस को लेकर चालक वापस अंबिकापुर रवाना हो गया। मृत्यु की पुष्टि के बाद यहां भी ठोकर खाने जैसी स्थिति बनी, उन्हें तत्काल शव को ले जाने के लिए डांटा-फटकारा गया। शव ले जाने के लिए वाहन की मांग करने पर किसी प्रकार की मदद नहीं मिली, मजबूर होकर उन्होंने 9000 रुपये किराए में निजी वाहन की व्यवस्था की, जिसे अपनी स्थिति बताते हुए अंबिकापुर पहुंचने के बाद रुपये देने के लिए उन्होंने कहा था, उनके पास रुपये नहीं थे। इसकी जानकारी मिलने पर पहुंचे कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने जिम्मेदार प्रशासन के अधिकारी और अस्पताल अधीक्षक को मौके पर बुलाने के लिए कहा, और मृतक के स्वजन के साथ शव को सड़क पर रखकर बैठ गए। इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम अंबिकापुर और अस्पताल अधीक्षक मौके पर पहुंचे। इन्हें ज्ञापन सौंपकर मृतक के स्वजन को मुआवजा दिलाने और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करा पाने में नाकाम जिम्मेदार के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।
मंगलवार को सुबह 11 बजे पहुंचे अंबिकापुर
रायपुर से अंबिकापुर शव लाने के लिए मुक्तांजलि वाहन या एम्बुलेंस के इंतजार में पूरी रात पहाड़ी कोरवा परिवार के सदस्य बिता दिए, लेकिन डीकेएस अस्पताल प्रबंधन से किसी प्रकार की मदद नहीं मिली। ऐसे में समझा जा सकता है कि जिन पहाड़ी कोरवाओं से मुलाकात करने और उन्हें शासकीय योजनाओं की सौगात देने के लिए राज्यपाल सरगुजा और बलरामपुर जिले में पहुंचे थे, उनके प्रति सरकार का स्वास्थ्य विभाग कितना संवेदनशील है। मंगलवार को दिन में 11 बजे निजी वाहन से अंबिकापुर पहुंचने के बाद मृतक का पोस्टमार्टम कराने के लिए वे भटक रहे थे, साथ ही निजी वाहन का किराया देने की चिंता इन्हें सता रही थी। इसके बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर इनकी सुध ली।
टीम गठित करके जांच कराने किया आश्वस्त
प्रशासन की ओर से पहुंचे अंबिकापुर एसडीएम से मुआवजा की मांग करने पर उन्होंने घटनास्थल बलरामपुर जिला होने के कारण, राजपुर एसडीएम से बात करके मृतक के स्वजन को प्रावधान के अनुरूप मुआवजा देने के संबंध में चर्चा की, वहीं जिम्मेदारों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर उन्होंने कहा कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जांच टीम का गठन करने कहा गया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि जांच टीम में उन्हें भी शामिल किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके बाद शाम करीब 4 बजे मृतक का पोस्टमार्टम हुआ। रायपुर से मृतक का शव लेकर पहुंचे वाहन का 9000 रुपये किराया भी भुगतान किया गया।
बयान
एक्सीडेंटल केस में आए पहाड़ी कोरवा मरीज को प्रायमरी उपचार के बाद रेफर किया गया था, ऐसे मरीज को स्टेबल होने के बाद ही भेजा जा सकता है। अस्पताल में 5 एम्बुलेंस हैं, जिसमें से एक वेंटीलेटर एम्बुलेंस है, जो महामहिम राज्यपाल के आगमन दौरान प्रोटोकॉल अनुरूप लगी थी। हेड इंज्युरी केस होने के कारण मरीज को स्टेबल करने हर लेबल पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी, वहीं मरीज को भेजने के लिए हर लेबल पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने बात हो रही थी। संजीवनी 108 क्यों उपलब्ध नहीं हो पाया, इस संबंध में जानकारी लेनी पड़ेगी। राज्यपाल की रवानगी के बाद हमने मरीज को ले जाने के लिए तत्काल वेंटीलेटर एम्बुलेंस उपलब्ध करा दिया था।
डॉ. आरसी आर्या, अधीक्षक
मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर
राजपुर में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन, स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंका
बलरामपुर। जिले के राजपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत मदनेश्वरपुर के पहाड़ी कोरवा युवा गुड्डू पिता छेरतु की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया गया, और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का पुतला फूंका।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुनील सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के विरुद्ध नारेबाजी की। ब्लॉक अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की भारी कमी है, जिससे आम जनता को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार गरीबों और आदिवासी समुदायों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं लाया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, ब्लॉक उपाध्यक्ष लाल साय मिंज, सुरेश सोनी, राम बिहारी यादव सहित युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Categorized in: