पण्डो जनजाति के ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत करके कार्रवाई की लगाई गुहार

अंबिकापुर। लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मांजा राजाकटेल में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पण्डो जनजाति के ग्रामीणों की पुश्तैनी भूमि पर धर्म विशेष के बाहरी व्यक्तियों के द्वारा कब्जा किया जा रहा है। इसकी शिकायत सरगुजा कलेक्टर से ग्रामीणों ने की है, और आदिवासी अधिकारों के सुरक्षा की गुहार लगाई है।  
कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो समाज के लोग कई पीढ़ियों से अपनी पुश्तैनी भूमि पर निवास करते आ रहे हैं। उनकी आजीविका, संस्कृति, परम्परा एवं धार्मिक आस्था पूरी तरह से जल, जंगल और जमीन पर निर्भर है। गांव पांचवी अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां आदिवासी भूमि की सुरक्षा हेतु विशेष संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधान हैं। इसके बाद भी विगत कुछ वर्षों से गढ़वा बिहार एवं अन्य क्षेत्रों से आए मुस्लिम समाज के लोगों के द्वारा आदिवासी भूमि पर जबरन मकान निर्माण करके अवैध कब्जा किया जा रहा है और बिना किसी वैधानिक अधिकार के स्थायी बसाहट तैयार कर लिया जा रहा है। इसका विरोध करने पर कब्जाधारी मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। आए दिन मिलने वाली धमकियों से ग्रामीणों में आक्रोश है। सनमान पण्डो, दरोगा पण्डो, गणेश पण्डो, राजेश पण्डो, रामधन पण्डो का कहना है कि अशिक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, और लगातार उनका शोषण बाहर से आए लोगों के द्वारा किया जा रहा है। अवैध कब्जा से उनकी कृषि भूमि कम होती जा रही है, आजीविका प्रभावित हो रही है, वहीं पारंपरिक संस्कृति एवं सामाजिक व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। गांव की जनसंख्या संरचना में भी बदलाव आ रहा है, जिससे उनके अस्तित्व और अधिकारों पर खतरे की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों ने गांव की भूमि का राजस्व अभिलेख के अनुसार जांच कराने एवं सर्वे कराकर पण्डो समाज के लोगों की भूमि से सभी अवैध अतिक्रमण हटवाने का आग्रह सरगुजा कलेक्टर से करते हुए दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने कहा है कि आदिवासी भूमि और अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्थायी प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए, ताकि भविष्य में अवैध बसावट पर रोक लगे।

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