संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा
अंबिकापुर। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा संभाग डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने संभाग में चल रहे विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने निक्षय निरामया, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत, गैर संचारी रोग के स्क्रीनिंग, फाइलेरिया नियंत्रण, बधिरता नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के संचालन में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने कहा।
बता दें कि सरगुजा संभाग में दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कर्मचारी सेवा दे रहे हैं। शासकीय कर्मचारियों की पदोन्नति से लेकर वेतन विसंगति विगत 03 महीनों में दूर कर दी गई है। आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवा में कमी का सामने आना कहीं न कहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों की संवेदनहीनता को परिलक्षित कराता है, जिस पर आने वाले समय में कड़ी कार्रवाई करने का संकेत संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने दे दिया है। सरगुजा जिले को क्षय रोग से उन्मूलित करने के लिए सर्वाधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हंै, जिसमें थ्री नॉट की मशाीन टीबी कीटाणु की सूक्ष्मतम मात्रा को पहचानने के लिए है। इन मशीनों से प्रतिदिन 200 से ज्यादा जांच हो, ऐसा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता, प्रभारी जिला क्षय उन्नमूलन कार्यक्रम सरगुजा ने बताया कि सरगुजा जिले के सभी 439 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने हेतु जन-जागरूकता बढ़ाने व नियमित देखरेख करने के निर्देशित किया गया है। वर्ष 2025 में सरगुजा जिले के 439 ग्राम पंचायत में से 254 ग्राम पंचायत का चयन टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए किया गया है। बैठक में जिला क्षय उन्नमूलन कार्य प्रभारी कार्यक्रम समन्वयक वनवासी यादव, अभिषेक सिंह, श्रवण खुंटे, संजय तांडी, उषा खुटले, राजेश सिन्हा, सिन्नीचंद महंत, ज्ञानेन्द्र शर्मा, विकास जायसवाल, निजिता तिवारी सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए।

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