मामला शहर के व्यवसायी द्वारा की गई खुदकुशी का, काट रहे पुलिस कार्यालय का चक्कर

 

 

अंबिकापुर। शहर के व्यवसायी गुरु प्रसाद जायसवाल खुदकुशी प्रकरण में पुलिस द्वारा नामजद एफआइआर दर्ज करने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजने से पीड़ित स्वजन कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। मृतक की पत्नी पुष्पा जायसवाल, बहन सरोज जायसवाल, मनोरमा जायसवाल, पुत्री पारुल और भतीजा अविनाश जायसवाल सवाल उठा रहे हैं आखिर सबकुछ सामने आने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने से क्यों बच रही है? इनके द्वारा पूर्व में भी पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया था, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में नौ दिसंबर को पुन: शिकायत लेकर वे सरगुजा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।
मृतक गुरु प्रसाद जायसवाल की पत्नी पुष्पा जायसवाल सहित अन्य स्वजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुरु प्रसाद जायसवाल का शव 20 सितंबर को अंबिकापुर के एक होटल में फांसी पर झूलते मिला था। पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट सहित रुपये के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए थे। सुसाइड नोट सहित अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद कोतवाली  पुलिस ने खुदकुशी के लिए प्रेरित किए जाने सहित अन्य धाराओं के तहत राजेश जायसवाल, चेतन जायसवाल, केतन जायसवाल, राजकीर्ति जायसवाल, अंचल जायसवाल और बलवंत शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया था। प्राथमिकी दर्ज करने के 60 दिन बीत गए, इसके बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कथित तौर पर आरोपितों के बाहर घूमने और उनसे समझौता करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुत्री का आरोप है कि उन्हें 20 लाख रुपये और जमीन का दस्तावेज देने के प्रलोभन के साथ धमकी दी जा रही है। परिवार में केवल महिला सदस्य होने का हवाला देते हुए भी कहा जा रहा है कि कब तक लड़ोगे। ऐसे मेें उनके साथ अनहोनी का भय बना रहता है। इन्होंने पुलिस प्रशासन से अरोपियों को शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की है।

चुनावी व्यस्तता के कारण आरोपियों की गिरफ्तारी में विलंब हुआ है। मामले से जुड़े आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
पुपलेश कुमार, एएसपी सरगुजा

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