रतनपुर से बस में सवार होकर अपने गृहग्राम भवरी, रंका जाने निकला था
युवक की बस के कर्मचारियों ने नहीं ली सुध, न ही पुलिस को दी सूचना

 

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के रतनपुर में जीविकोपार्जन के लिए गए झारखंड के एक युवक का शव संदेहास्पद परिस्थितियों से शहर सीमा से लगे मेंड्राकला में खेत में मिला। युवक रतनपुर से अपने घर जाने के लिए एक यात्री बस से निकला था। बस से रवाना होने के पहले वह अपने भाई को इसकी जानकारी दिया था। युवक के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान भी मिले हैं। ऐसे में मामला हत्या का है या कुछ और, इसे जानने के लिए पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है और सूक्ष्म विवेचना में लगी है।
जानकारी के मुताबिक गढ़वा जिला के रंका थाना अंतर्गत ग्राम भंवरी निवासी रमेश सिंह पिता चंद्रिका सिंह 28 वर्ष कुछ दिनों पहले से ही घर से काम करने के लिए जाने की बात कहकर निकला था और छत्तीसगढ़ के रतनपुर में किसी ट्रक में खलासी का काम कर रहा था। शुक्रवार की रात को वह अपने गृहग्राम जाने के लिए रायपुर की ओर से आने वाली एक यात्री बस से निकला था। रात लगभग नौ बजे मोबाइल में फोन करके वह भाई बालेश्वर को इसकी जानकारी दिया। इधर रात को एक बजे बस के खलासी सुरेंद्र ने फोन करके बताया कि मेंड्राकला में पेट्रोल टंकी के पास बस रूकी। सवारी उतर रहे थे, इसी दौरान रमेश बस से उतरकर दौड़ लगा दिया। इसके बाद बस के कर्मचारी गंतव्य की ओर रवाना हो गए। इस सूचना पर शनिवार को युवक के पिता चंद्रिका सिंह व अन्य स्वजन अंबिकापुर पहुंचे। उन्होंने एक ऑटो चालक को घटना की जानकारी दी और उक्त स्थल पर ले चलने का आग्रह किया, जहां रमेश बस से उतरा था। यहां आने के बाद एक युवक का शव खेत में पड़े होने की जानकारी मिली। मौके पर पिता पहुंचे तो शव उनके जवान पुत्र का था। शिनाख्ती के बाद पुलिस ने शव को निजी एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम हाउस के लिए भिजवाया था। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अबूझ पहेली बनी हुई है। मृतक के दो बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार है। इनके पालन पोषण के लिए वह काम करने छत्तीसगढ़ आया था। पुलिस मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मामले की जांच कर रही है।
समय रहते पुलिस को नहीं मिल पाई सूचना
मृतक के पिता का कहना है कि जिस बस से उनका पुत्र अपने गृहग्राम भवरी, रंका जाने के लिए निकला था, इस बस का खलासी सुरेंद्र भी उनके गांव का है। मृतक के परिवार को वह जानता था, इसलिए बस से उतरे रमेश की जानकारी मोबाइल से दिया था। घटना मणिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत की है, इसी रास्ते से थाना के सामने से होते बस गंतव्य की ओर रवाना हुई, लेकिन बस के चालक व सहयोगियों ने न तो मौके पर ही उसे तलाशने की कोशिश की, न ही पुलिस को इसकी सूचना देना उचित समझा। समय रहते पुलिस को जानकारी मिलती तो युवक की खोज-खबर ली जा सकती थी। मृतक के सिर में पीछे और मुंह सहित शरीर के अन्य हिस्से में चोट का निशान होना सामने आया है। वहीं पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसकी जानकारी पर साथ में काम करने वाले लोगों ने स्वजन को दी, तो उन्होंने बस से घर भेज देने के लिए कहा था।

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